पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे पत्रकार | पढ़िये पूरी खबर

सिटी लाइव टुडे, हरिद्वार
पौक्सो एक्ट के तहत पत्रकार पर मुकदमा दर्ज करने व गिरफ्तारी को पत्रकारों से साजिश करार दिया है। गुस्सायें पत्रकारों ने सीधे-सीधे पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विरोधस्वरूप पत्रकारों ने जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने मामले से जुड़े अधिकारियों को हटाने की मांग की है।


हरिद्वार प्रेस क्लब के नेतृत्व में विभिन्न पत्रकार संगठनों के सदस्य और जिलेभर बड़ी संख्या में पत्रकार प्रेस क्लब भवन से जलूस की शक्ल में नारे लगाते हुए शिवमूर्ति चैराहा और ललतारो पुल होते हुए कोतवाली पहुंचे और उसके आगे धरना देकर बैठ गये। कुछ देर बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी अभय प्रताप सिंह और कोतवाल ने पहले धरना स्थल पर और उसके बाद काफी देर कोतवाली में पत्रकारों से वार्ता की। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने मामले को अपने स्तर से देखने का आश्वासन दिया। उधर पत्रकारों का कहना था है पहले उनके साथी उनके बीच जा जाये उसके बाद वे इस मामले को देखेंगे। पत्रकारों के पुलिस की इस कार्यवाही को हरिद्वार के इतिहास में एक काला अध्याय बताते हुए मामले में संलिप्त पुलिस अधिकारियों को हटाने की मांग की।
घटना से गुस्साये पत्रकारों ने जहां मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेज कर घटना की उच्चस्तरीय जांच और आरोपी पुलिस अधिकारियों को हटाये जाने की मांग की वहीं इस मामले में आर-पार की लड़ाई लड़ने का भी निर्णय लिया है। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि 4 अगस्त 2021 को वरिष्ठ पत्रकार वेदप्रकाश चैाहान, उनके पत्रकार पुत्र संजय चैहान और परिजनों के विरूद्ध पड़ोसी ने अपने और अपनी नाबालिग पुत्रियों के साथ मारपीट और गाली गलौच की शिकायत कोतवाली में की थी। जिसमें लैंगिक अपराध या बाल यौन शोषण जैसी कोई बात नहीं लिखी गयी है। बावजूद इसके पुलिस ने 6 अगस्त को बयान दर्ज करवाने के बहाने साजिशन वेदप्रकाश चैाहान और संजय चैाहान को कोतवाली बुलाकर पोक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर दोनो जेल भेज दिया।
