उत्तराखंडसंपादकीय

Uttarakhand…स्टोन फ्रूट्स के लिए विकसित हो संगठित बाजार|Click कर पढ़िये पूरी News

Share this news

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस

देहरादून, 15 जून। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में उत्पादित आड़ू, प्लम और खुमानी जैसे स्टोन फ्रूट्स के लिए संगठित बाजार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सामाजिक संस्था धाद ने अपनी जनपक्षीय पहल को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया है।

संस्था के सचिव तन्मय ने कहा कि पहाड़ के शुद्ध वातावरण में पैदा होने वाले इन फलों की बाजार में अच्छी मांग है, लेकिन हर वर्ष प्रदेश में आने वाले लाखों पर्यटकों के बावजूद इनके लिए व्यवस्थित विपणन तंत्र विकसित नहीं हो पाया है।

धाद के हरेला गांव अध्याय द्वारा आयोजित 15 दिवसीय ‘स्टोन फ्रूट पक्षधरता अभियान’ का समापन देहरादून स्थित स्मृति वन में हुआ। कार्यक्रम के दौरान गीत-संगीत, माल्टा रस, आड़ू चाट और संवाद के माध्यम से लोगों को स्थानीय फलों के महत्व से जोड़ा गया। अभियान की शुरुआत 30 मई को नैनबाग में किसान कुंदन सिंह पंवार के बागीचे से हुई थी।

उद्यान विशेषज्ञ बीरबान सिंह रावत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी और श्रम संकट जैसी चुनौतियों के बीच स्टोन फ्रूट की बागवानी पहाड़ के किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है।

कार्यक्रम में रंगकर्मी मीनाक्षी जुयाल और सुदीप जुगरान सहित कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। धाद के पूर्व अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने विश्वास जताया कि माल्टा अभियान की तरह इस पहल को भी समाज और सरकार का व्यापक समर्थन मिलेगा।

ad12

मौके पर राजेश्वरी कठैत, डॉ एएस कठैत, सुरेंद्र बिष्ट, विजया रावत, देवेंद्र कांडपाल, मंजीत सिंह, रमेन्द्र कौर, नरेंद्र रावत, मनोहर लाल, दयानन्द डोभाल, सुरेन्द्र अमोली, नितिन चमोली, निमेष बैनी, मंजीत सिंह, मीनू डबराल, रवि गुप्ता, एमएस बहुगुणा, रेखा बहुगुणा, ग्रुप कैप्टेन मनमोहन सिंह रावत, रुचिका रावत, अतेंद्र व्यास, आकृति, हेमवती नन्दन व्यास, हरी शंकर जोशी, एचवी वर्मा, विजया रावत, हिमांशु अवस्थी, रेखा अवस्थी, धर्म सिंह, अनिमेष गुप्ता, नीना रावत, आशा डोभाल, बीना रावत, ममता डोभाल, बीरेंद्र खंडूरी, साकेत रावत, बृज मोहन उनियाल, अर्चना ग्वाड़ी, प्रशांत रतूड़ी, कांति ग्वाड़ी, प्रदीप डिमरी, सुरेश कुकरेती, सुशीला गुसाईं, कंचन बुटोला आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *