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द्वारीखाल के बमोली गांव ने लिया रोज योग करने का संकल्प | जयमल चंद्रा की प्रस्तुति

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बमोली गांव में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
ग्रामीणों व बच्चों ने किया योग की मुद्राओं का अभ्यास
सिटी लाइव टुडे, द्वारीखाल-प्रस्तुति-जयमल चंद्रा

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द्वारीखाल-प्रस्तुति-जयमल चंद्रा


21 जून को देशभर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। पूरे देश में योग की विभिन्न मुुद्राओं का अभ्यास किया और कराया गया। महानगरों, शहरों व ग्रामीण क्षेत्रोें में योग दिवस मनाकर योग किया गया। सिटी लाइव टुडे मीडिया हाउस ने गांवों की जानकारी ली। सीधे संपर्क किया द्वारीखाल ब्लाक के बमोेली गांव से। वहां बहुत अच्छी और प्रेरणादायी खबर मिली। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बमोली गांव में हर रोज योग करने का संकल्प लिया गया और ग्रामीणों ने योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास किया।

तंनुष्का चन्द्रा

बमोली गांव से जागरूक नागरिक जयमल चंद्रा से यह खास रिपोर्ट भेजी है। बमोली गांव की अपनी ही अलग ही पहचान है। हर सामाजिक व कल्याणकारी कार्य में बमोली के ग्रामीण बढ़चढ़कर भाग लेते हैं।

आयूष चन्द्रा

अब बारी योग दिवस की थी तो इसकी तैयारी भी पहले से ही कर ली गयी थी। जागरूक नागरिकों ने योग दिवस मनाने की पहल की। इस गांव से केंद्र सरकार में अफसर रहे रामचंद्रा ने पहल को आगे बढ़ाया और ग्रामीणों को इसके लिये प्रेरित किया।

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तंनुष्का & आयूष

बमोली के राम सिंह रावत, भूूपेंद्र सिंह रावत, प्रमोद सिंह रावत, कोमल चंद्रा, हर्षमाहन आदि ने पहल को हकीकत का रूप लिया। सुखद परिणाम यह रहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बमोली गांव में ग्रामीणों ने योग का अभ्यास किया। खास बात यह कि बच्चों को भी योग कराया गया। एक स्वर में ग्रामीणों ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया है। बताया गया कि योग से तन व मन स्वस्थ रहता है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत भी करता है।

One thought on “द्वारीखाल के बमोली गांव ने लिया रोज योग करने का संकल्प | जयमल चंद्रा की प्रस्तुति

  • June 21, 2021 at 4:59 pm
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    दूर दराज के पहाडी गाँवों का तभी विकास होगा जब चंद्रा जैसे कर्मठ ,जुझारू लोग शहरों की नकली चकाचौंध से निकलकर गाँवो को आबाद करे।कोरोना काल मैं जहाँ शहरो मैं कोरोना ने कहर ढाया वही गाँवो में कोरोना का वही असर दिखा जहाँ बाहर से लोग गाँवो में आऐ व संक्रमण को साथ लाऐ।फिर भी पहाडो की ताजी आबो हवा व ठंडी बयार में कोरोना का कहर कम ही रहा।बलाक लेबल पर अधिकारियों को चाहिए कि जो भी लोग शहरों को छोड़कर अपने गाँव वापस आऐ है,सरकारी कर्मचारी गाँव गाँव में सेमिनार लगाकर सरकार द्वारा परदत किसानों व बेरोजगार युवक युवतिओ के लिए योग्यता के अनुसार लोगों को प्रशिक्षण देकर आत्म निर्भरत भारत बनाऐ।गाँवो से इसकी शुरुआत हो।उधान विभाग,Agriculture dept,Horticulture dept,Animal husbandry dept,fisheries,cottage industries related dept आदि को गाँव गाँव जाकर सामूहिक प्रशिक्षण देकर ग्रामीण अंचल से बेरोजगारी खत्म करनी चाहिए।बैंक से लोन सुविधा रोजगार के अनुसार मिले।जय हिन्द।

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