Laldhang में फिर आ धमका हाथी, Click कर जानिये और फिर क्या हुआ..गीता जोशी की Report

लालढांग ब्यूरो. लालढांग (हरिद्वार)।
लालढांग (हरिद्वार)।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा गजराज (हाथियों) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार की देर रात लगभग 11:00 बजे लालढांग क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब 7 से 8 हाथियों का एक बड़ा झुंड अपने बच्चों के साथ आबादी वाले क्षेत्र में दाखिल हो गया। हाथियों के इस झुंड ने खाकी बाबा मंदिर परिसर से लेकर मुख्य बाजार और वन विभाग के आवासीय परिसर में घंटों तक भारी उत्पात मचाया।

🐘 मंदिर परिसर में घुसा हाथियों का झुंड, ग्रामीणों ने खदेड़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात 11 बजे के करीब हाथियों का झुंड सबसे पहले खाकी बाबा मंदिर के कंपाउंड (प्रांगण) में जा घुसा। गनीमत यह रही कि उसी समय स्थानीय ग्रामीणों की नज़र हाथियों पर पड़ गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए शोर मचाकर और मशक्कत करके हाथियों को मंदिर परिसर से बाहर खदेड़ा।
🏪 मुख्य बाजार में तोड़ी डस्टबिन, दुकान के बाहर मचाया हड़कंप
मंदिर परिसर से निकलकर 7-8 हाथियों का यह झुंड बच्चों समेत लालढांग बाजार की ओर बढ़ गया। यहाँ स्थानीय निवासी नवीन चमोली की दुकान के समीप हाथियों ने जमकर तोड़फोड़ की और वहाँ रखी डस्टबिन को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। बाजार क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर ढोल-नगाड़े और शोर मचाकर हाथियों को बाजार क्षेत्र से आगे भगाया।
🏡 फॉरेस्ट कर्मचारी के घर में घुसे हाथी, कड़ी मशक्कत के बाद जंगल में खदेड़ा
बाजार से भागने के बाद हाथियों का झुंड पास ही स्थित वन विभाग (फॉरेस्ट्री) के कंपार्टमेंट में जा घुसा। वहाँ हाथियों ने वन विभाग के ही एक कर्मचारी के आवासीय मकान के परिसर में प्रवेश कर भारी नुकसान पहुँचाया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आई। वनकर्मियों और ग्रामीणों ने भारी कड़ी मेहनत और सतर्कता के साथ घेराबंदी कर हाथियों के झुंड को वापस गहरे जंगल की ओर खदेड़ा।
⚠️ काली मंदिर में भी हो चुका है हमला, ग्रामीणों ने जताई गहरी नाराजगी
स्थानीय निवासी नवीन चमोली और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों का आतंक चरम पर पहुँच चुका है। इससे कुछ दिन पूर्व भी हाथियों के झुंड ने काली मंदिर परिसर में भारी आतंक मचाकर नुकसान पहुँचाया था।
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा:

“क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन हाथियों की आवाजाही और आतंक बढ़ता जा रहा है, लेकिन वन विभाग की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। हर वक्त हादसों और जनहानि का भय बना रहता है।”
📢 वन विभाग से सुरक्षा की गुहार
हाथियों के लगातार हो रहे हमलों से आक्रोशित और भयभीत ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, सोलर फेंसिंग दुरुस्त करने और ग्रामीणों की जान-माल की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है।
