Aiims News….” शरीर क्रिया विज्ञान इनोवेशन प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी ” का आयोजन |Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( एम्स, ऋषिकेश) के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग में अतिथि व्याख्यान और एमबीबीएस बैच- 2025 द्वारा “शरीर क्रिया विज्ञान इनोवेशन प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी” का सफल आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़चढ़कर प्रतिभाग किया।

एम्स,ऋषिकेश के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग के तत्वावधान में आयोजित अतिथि व्याख्यान में प्रोफेसर सतीश देवपुजारी ने “मेडिकल ऐप्स से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक का सफर” विषय पर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल उपकरणों के विकास पर प्रकाश डाला। जिसमें उन्होंने शिक्षण-अधिगम पद्धतियों, नैदानिक अभ्यास और भविष्य की स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणालियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उभरती भूमिका पर विशेष बल दिया गया।

इस अवसर पर आयोजित “शरीर क्रिया विज्ञान इनोवेशन प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी” का एम्स ऋषिकेश की निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह, अनुसंधान डीन प्रोफेसर शैलेंद्र हांडू, आमंत्रित वक्ता प्रोफेसर सतीश देवपुजारी, शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष प्रोफेसर लतिका मोहन और प्रोफेसर प्रशांत एम. पाटिल ने संयुक्तरूप से उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उपस्थित संस्थान के संकाय सदस्यों में जैव रसायन विभाग की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष प्रो. अनीसा आतिफ मिर्जा, शरीर रचना विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रो. मुकेश सिंगला, मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रवि गुप्ता और बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रोफेसर मधुबरी वाथुल्या शामिल थे, जिन्हें आयोजन में इनोवेशन चुनौती के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में प्रोफेसर सुनीता मित्तल, प्रो. योगेश सिंह, प्रो. अरुण गोयल, प्रो. पूर्वी कुलश्रेष्ठ, डॉ. जयंती पंत आदि ने शिरकत की। कार्यक्रम का डॉ. अश्विनी महादुले और डॉ. दिव्या ह्यांकी ने संयुक्तरूप से सुचारू संचालन किया।
इनोवेशन चैलेंज में पच्चीस टीमों ने अपने प्रोटोटाइप प्रदर्शित किए। एम्स, ऋषिकेश के विभिन्न विभागों से तीन स्वास्थ्य विशेषज्ञों को इनोवेशन चैलेंज के निर्णायक के रूप में आमंत्रित किया गया। छात्रों ने विभिन्न शारीरिक क्रियाविधियों और उनके नैदानिक महत्व को दर्शाने वाले कार्यशील मॉडल और इंटरैक्टिव प्रदर्शन प्रस्तुत करके उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इन टीमों ने नैदानिक अभ्यास में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों को विकसित करने के लिए कोडिंग और विभिन्न विद्युत एवं यांत्रिक सिद्धांतों का उपयोग किया। यह ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक छोटा कदम है।
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इन टीमों का प्रदर्शन रहा श्रेष्ठ

शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित “शरीर क्रिया विज्ञान इनोवेशन प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी” में शीर्ष तीन विजेता टीमों में ‘एल्बो परसेप्शन ड्रिफ्ट ट्रैकर’, ‘पेस्प्लैनस करेक्टर डिवाइस’ और ‘माइक्रो फ्लो सॉक’ शामिल रही। इस कार्यक्रम ने छात्रों, संकाय सदस्यों और आमंत्रित अतिथियों के बीच सार्थक संवाद का अवसर प्रदान किया, जिससे संस्थान के भीतर इनोवेशन और शैक्षणिक उत्कृष्टता की संस्कृति को मजबूती मिलेगी।
शरीर क्रिया विज्ञान विभाग ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में उत्साहपूर्ण समर्थन और योगदान के लिए एम्स, ऋषिकेश की निदेशक, संकाय सदस्यों, रेजिडेंट्स, कर्मचारियों और प्रतिभागी टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया।
