Dinesh Lakhera @| ना तो Tired और नहीं Ritired |click कर पढ़िये पूरी खबर

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सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस


गंगा की गोद हरिद्वार में कई दीप प्रज्ल्वलित होते हैं। ये दीप धर्म-अध्यात्म के भी होते हैं तो आस-विकास के भी। ये ही वे दीप हैं जो आमजन को भी प्रेरणा भी देते हैं और संदेश भी। गंगा की एक ऐसा ही दीप है जिसका नाम है dinesh lakhera दिनेश लखेड़ा। लोग कहते हैं कि आखिर दिनेश लखेड़ा थकते क्यों नहीं, तो लखेड़ा का सीधा सा जवाब होता है कि क्योंकि मैं चुप नहीं रह सकता है। अगले ही पल कहते है कि ना तो टायर्ड नहीं और ना ही रिटायर्ड| उनकी सादगी और सौम्यता अद्भुत है। एक बार अकेले में जरूर मुलाकात कीजियेगा।

सामाजिक सरोकारों से दिनेश लखेड़ा की सक्रियता यह साबित भी कर देती है कि सचमुच दिनेश लखेड़ा चुप नहीं रह सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हुये वे कर्मचारी हितों की बुलंद आवाज हैं। जरूरत होने पर वे कर्मचारियों के हितों के लिये आंदोलन से भी पीछे नहीं हटते।
चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा व स्वास्थ्य के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व उन्हीं के कंधों पर है। ब्लड डोनेशन को लेकर भी दिनेश लखेड़ा की सक्रियता करंट जैसे है। रक्तदान शिविरों का आयोजन समय-समय करते रहते हैं। स्वास्थ्य महकमे के कार्यक्रमों में दिनेश लखेड़ा की भागीदारी बराबर होती है।


पहाड़ की वैभवशाली व गौरवशाली संस्कृति के संबर्द्धन में भी उनकी भूमिका सराहनीय है। पहाड़ी महासभा में दिनेश लखेड़ा की सक्रियता बनी रहती है। कांवड़ मेले में कांविड़यों की सेवा कैंप आदि का इंतजाम भी लखेड़ा करते रहते हैं। इस बार तो पहाड़ी महासभा ने कांवड़ियों के पहाड़ी माल्टे के जूस की व्यवस्था की थी।

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खास बात यह है कि सोशल इंजीनियरिंग में दिनेश लखेड़ा मास्टर हैं। समाज के साथ खड़ा होना और जरूरतमंदों की सेवा में आगे आने की खासियत ने उन्हें नई पहचान भी दी है। सेवा भाव के इस संकल्प के लिये दिनेश लखेड़ा को सिटी लाइव मीडिया हाउस की ओर से सलाम। आओ, हम भी एक कदम दिनेश लखेड़ा के साथ चलें, कारवां जुड़ता जायेगा।

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