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स्वेच्छा से कोविड काल में सेवा देने वाले शिक्षक राजीव सम्मानित | पढ़िये पूरी खबर

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रुड़की।जिला शिक्षा अधिकारी(प्रा0 शि0) हरिद्वार डॉ विद्याशंकर चतुर्वेदी ने पत्र जारी कर कोविड-19 में स्वेच्छा से ड्यूटी दे रहे शिक्षक राजीव कुमार शर्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मार्च में कोरोना वैश्विक महामारी की दूसरी लहर ने देश दुनिया मे कहर बरपाया हुआ था। जहाँ सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी कर सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों की उपस्थिति में कटौती कर उन्हें घर से ही कार्य निष्पादन हेतु आदेशित किया गया था। वहीँ जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा0शि0) हरिद्वार ने 1 मई को पत्र जारी कर 42 शिक्षकों की ड्यूटी कोविड कन्ट्रोल रूम डायट रुड़की में लगाई थी। जिसमें ज़्यादातर शिक्षकों द्वारा ड्यूटी ज्वाइन की गई लेकिन कुछ शिक्षक नेताओ ने या तो अपनी ड्यूटी कटवा ली या आज तक ड्यूटी ज्वाइन नहीँ की। विभागीय अधिकारियों द्वारा उन शिक्षकों का स्पस्टीकरण भी माँगा गया जिनमें से कुछ शिक्षकों का जवाब संतोषजनक नहीँ था।

रुड़की ब्लॉक के प्राथमिक विधालय हथियथल में कार्यरत शिक्षक राजीव कुमार शर्मा ने उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय रुड़की को स्वंम प्रार्थना पत्र देकर महामारी काल में अपनी सेवाएं प्रदान करने हेतु इच्छा व्यक्त की। खण्ड शिक्षा अधिकारी रुड़की द्वारा शिक्षक के स्वंम ड्यूटी करने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए राजीव कुमार शर्मा की ड्यूटी कोविड कंट्रोल रूम डायट रुड़की में लगाई जिसे शिक्षक द्वारा निरन्तर किया जा रहा है। शिक्षक राजीव कुमार शर्मा द्वारा बताया गया कि मई माह में जब कोरोना की दूसरी लहर पीक पर थी उसी दौरान स्वंम परिवार सहित कोरोना संक्रमित हो गए थे, अपना क़वारन्टीन समय पूरा करते ही उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन करते ही अपनी सेवाएं कंट्रोल रूम में देनी शुरू कर दी थी।

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शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी(प्रा0शि0) डॉ विद्याशंकर चतुर्वेदी द्वारा राजीव कुमार शर्मा को अपने कार्यालय में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और कहा कि आप जैसे शिक्षक जो अपने कार्य दायित्व के लिए संवेदनशीलता से कार्य करते है अन्य सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने शिक्षक राजीव कुमार शर्मा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाये भी दी है शिक्षक राजीव कुमार शर्मा द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा0 शि0)डॉ विद्याशंकर चतुर्वेदी का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि आगे और ज्यादा ऊर्जा के साथ कार्य करने का हौसला बढ़ा है।

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