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कहीं भी रहकर संजोयी जा सकती है धरोहर, इनसें जानिये कैसे | सुभाष रावत की प्रस्तुति

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पर्वतीय बंधु समाज समिति नवोदय का उत्कृष्ट कार्य
लोक-संस्कृति की धरोहर को संजोने को हो रहा कार्य
सिटी लाइव टुडे, प्रस्तुति-सुभाष रावत


पहाड़ी की लोक-संस्कृति की धरोहर को संजोने के लिये यह जरूरी नहीं है कि पहाड़ में ही बसा जाये। पहाड़ से बाहर रहकर भी इस वैभवशाली संस्कृति को संजोजा जा सकता है। इसके लिये पहाड़ के प्रति अपनत्व होना चाहिये। हरिद्वार में पर्वतीय बंधु समाज समिति नवोदय नगर ने यह कर दिखाया है। समिति के कार्यों व प्रयासों से यहां भी लोक-संस्कृति के साक्षात दर्शन हो रहे हैं।

दरअसल, जिला मुख्यालय हरिद्वार से कुछ ही दूरी पर नवोदय नगर है। यहां पहाड़ी मूल के कई परिवार भी रहते हैं। इन परिवार के लोगों ने साल-2016 समिति बनायी जिसका नाम रखा गया है पर्वतीय बंधु समाज समिति। तब से यह समिति लगातार लोक-संस्कृति की धरोहर को संरक्षित रखने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। सामाजिक कार्यों भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया जाता है। समिति से जुडे़ सुभाष रावत ने बताया कि हर साल होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

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सिटी लाइव टुडे, प्रस्तुति-सुभाष रावत

जिसमें वाद्य यंत्रों के साथ पहाड़ की होल खेली जाती है। समिति ने तीन बार गढ़वाली-कुमांउनी कवि सम्मेलन भी आयोजित किये हैं। इसी प्रकार से मकर संक्रांति पर खिचडी भोज भी लगाया जाता है। पहाड़ी व्यंजनों की प्रदर्शनी भी यह समिति लगा चुकी है जिसमें लोगों ने पहाड़ के व्यंजनों का जायका लिया था।

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वृक्षारोपण और अन्य कार्यक्रम भी हुये हैं। समिति के प्रथम अध्यक्ष दीपक नौटियाल बने थे। वर्तमान में महावीर गुसांई अध्यक्ष हैं। समिति मंे जिम्मेदार व कर्मठ कार्यकर्ता हैं जो लगातार लोक-संस्कृति के लिये कार्य कर रहे हैं। अनुज बुडाकोटी, राकेश शर्मा, सुभाष रावत, त्रिलोक बिष्ट, देवी प्रसाद, कुंवर सिंह बिष्ट, कैलाश उप्र्रेती, जैक्शन न्यौली आदि ने बताया कि आगे भी समिति ऐसे ही कार्य करती रहेगी।

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