लालढांग में गुलदार का आतंक: दो ग्रामीणों पर हमला, महिला गंभीर रूप से घायल |गीता जोशी की रिपोर्ट

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
मीठीबेरी-ढंडियानवाला के बीच गुलदार ने मचाया उत्पात, वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
लालढांग। क्षेत्र में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार शाम मीठीबेरी और ढंडियानवाला गांव के बीच गुलदार ने दो ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। अचानक हुए इन हमलों से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि घटना के बाद वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्र में गश्त कर रही है।

मीठीबेरी-ढंडियानवाला के बीच गुलदार ने मचाया उत्पात, वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब सात बजे ढंडियानवाला निवासी प्रवीण (25) पुत्र शौकीन सिंह बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उस पर हमला कर दिया। प्रवीण की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिसके बाद गुलदार उसे छोड़कर ढंडियानवाला गांव की ओर भाग गया। हमले में घायल प्रवीण का एक निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा है।
बताया गया कि प्रवीण पर हमला करने के बाद गुलदार रास्ते में खेत से काम कर घर लौट रही मीठीबेरी निवासी सनौकता पत्नी पूरन सिंह पर झपट पड़ा। गुलदार के हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों की मदद से उन्हें 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के माध्यम से उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया।
गुलदार के लगातार दो हमलों से मीठीबेरी, ढंडियानवाला और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही लोगों को घरों से बाहर निकलने में डर लगने लगा है। खेतों में काम करने वाले ग्रामीण भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी ने बताया कि गुलदार के हमले की घटना से पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। ग्रामीण शाम होते ही घरों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की आवश्यकता जताई।

वहीं, श्यामपुर रेंज के रेंजर विवेक जोशी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया है। टीम प्रभावित इलाकों में लगातार गश्त कर रही है। गुलदार के हमले में घायल महिला को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है। वन विभाग की टीम क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
