Ladhang News.. झूला पुल की मांग को लेकर चल रहा धरना समाप्त, शासन ने जारी किया GO|गीता जोशी की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
लालढांग (हरिद्वार):
उत्तराखंड के लालढांग क्षेत्र के अंतर्गत रवासन नदी पर झूला पुल के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का 31 दिनों से चला आ रहा क्रमिक अनशन आखिरकार समाप्त हो गया है। सोमवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को शासन की ओर से जारी आधिकारिक शासनादेश (GO) दिखाया, जिसके बाद धरना समाप्त करने की घोषणा की गई।

क्यों शुरू हुआ था धरना?
रवासन नदी पर पुल निर्माण की मांग स्थानीय ग्रामीण राज्य गठन से पहले से करते आ रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी से नाराज ग्रामीणों को अंततः धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। हाल ही में बरसात के मौसम में रवासन नदी के तेज बहाव में डूबने से 14 वर्षीय आर्यन और 28 वर्षीय प्रदीप की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया था।
इसके बाद जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल के नेतृत्व में प्रशासन को चेतावनी दी गई थी कि यदि तीन दिन के भीतर पुल निर्माण का शासनादेश जारी नहीं हुआ, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन और धरना शुरू करेंगे। चेतावनी के बाद पिछले 31 दिनों से ग्रामीण कड़ाके की धूप और बरसात के बीच अपनी मांग पर डटे हुए थे।
एक महीने में शुरू होगा निर्माण कार्य
सोमवार को मौके पर पहुंचे PWD के अधिशासी अभियंता और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने ग्रामीणों को शासन का वह आदेश दिखाया जिसमें पुल निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही, आगामी एक महीने के भीतर पुल निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू करने का आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि वे इस पुल के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत थे। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऊर्जावान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की गंभीर समस्या को समझते हुए तत्काल प्रभाव से शासनादेश जारी किया है।
ग्रामीणों और नेताओं ने जताया आभार
धरने का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, लोक निर्माण विभाग के सचिव और पिछले 31 दिनों से धरने पर डटे रहे सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।

इस दौरान राज्य मंत्री आदेश सैनी, लालढांग मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान, पूर्व मंडल अध्यक्ष आलोक द्विवेदी, जगदीश उप्रेती, संजय सैनी, आजाद पोखरियाल, विनोद पोखरियाल, अमरीक सिंह, डिंपल शर्मा सहित सैकड़ों महिलाएं एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
