Laldhang News… झूला पुल के लिए जन आक्रोश रैली |गीता जोशी की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
Laldhang News
लालढांग के रसूलपुर में रवासन नदी पर झूला पुल के निर्माण की मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल के नेतृत्व में चल रहा धरना रविवार को 23वें दिन में प्रवेश कर गया। मांग पूरी न होने और शासन-प्रशासन के ढुलमुल रवैये से ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी के चलते आज आंदोलनकारियों ने लालढांग बाजार में एक विशाल जन आक्रोश रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।

गांधी चौक से मीठीबेरी तिराहे तक गूंजे नारे
रविवार को भारी संख्या में ग्रामीण और आंदोलनकारी लालढांग गांधी चौक पर एकत्रित हुए, जहां से उन्होंने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

- “एक ही लक्ष्य, एक ही नारा—झूला पुल बने हमारा”
- “चाहे जो मजबूरी हो, मांग हमारी पूरी हो”
- “ग्रामीण एकता जिंदाबाद”
इन गगनभेदी नारों के साथ रैली लालढांग बाजार से होते हुए मीठीबेरी तिराहे पर जाकर संपन्न हुई, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
क्रमिक अनशन पर बैठे महानंद सिंह और जसवंत सिंह
झूला पुल की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से धरने को क्रमिक अनशन में बदल दिया गया है। आंदोलन के 23वें दिन रविवार को महानंद सिंह और जसवंत सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे।
1977 से चली आ रही है मांग: बृजमोहन पोखरियाल
जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने कड़े शब्दों में कहा कि रसूलपुर में झूला पुल की मांग वर्ष 1977 से चली आ रही है। इतने लंबे समय बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से सिर्फ झूठे आश्वासन ही मिलते रहे हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक धरातल पर पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो जाता, तब तक यह धरना और आंदोलन इसी प्रकार जारी रहेगा।
आमरण अनशन की चेतावनी
ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी ने कहा कि ग्रामीण अब पूरी तरह एकजुट हो चुके हैं। यदि शासन द्वारा जल्द ही इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो इस क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा। जब तक झूला पुल निर्माण की वित्तीय स्वीकृति और लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक ग्रामीण पीछे हटने वाले नहीं हैं।
वहीं, प्रबुद्ध नागरिक आलोक द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर सभी ग्रामीण दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट हैं— “हम पहले ग्रामीण हैं, उसके बाद पार्टी पॉलिटिक्स है।”

प्रमुख रूप से उपस्थित लोग
इस विशाल जन आक्रोश रैली और धरने में आलोक द्विवेदी, सुरेंद्र रावत, पंकज चमोली, विनोद जोशी, संतराम सिंह, राजेंद्र प्रसाद, मथुरा दत्त उप्रेती, करुणा देवी, गुड्डी देवी, सुलोचना देवी, साधना देवी, यादराम सैनी, विनोद सैनी सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।
