प्रेम सिंह रावत….खाली हाथों को रोजगार से जोड़ने की एक कोशिश| कमल उनियाल की Report

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सिटी लाइव टुडे, कमल उनियाल, द्वारीखाल


अपने पौड़ी जनपद के दुगड्डा ब्लाक के प्रेम सिंह रावत बेहद खास है। खेतीबाडी से लगाव और पहाड़ में रहकर पहाड़ के लिये कुछ खास करने की चाहत ने ऐसा कर भी दिखाया है। इसके लिये उन्हें किसान श्री सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये भी रावत जी लगे हुये हैं।

सिटी लाइव टुडे मीडिया हाउस की इस खबर में प्रेम सिंह रावत का ही जिक्र करते हैं। जनपद पौडी गढवाल के विकास खंड दुगड्डा के भदालीखाल ग्राम सभा के राजस्व गाँव भ्यूँलेत के निवासी प्रेम सिह रावत मौसमी सब्जियों से लेकर बागवानी तथा गाँवो की महिलाओं को सिलाई कढाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोडकर प्ररेणा के स्रोत्र बने हुये है। उन्हांेने अपने खेतो में पारम्परिक सब्जी अरबी प्याज आलू लहसून से लेकर बडी मात्रा में हल्दी की जैविक खेती तथा कोदा पहाडी दाल के उत्पादन करके खेतो में फसलो की महक आने लगी है।

अपनी माटी के इसी लगाव ने उन्हें बागवानी की और भी खींच लाया और उन्होंने झारखंड से तीन सौ पेड शीड लैस यानि बिना बीज वाली कागजी के पेड मंगाकर कागजी के पेड लगा रखे है। उन्के दो पुत्र सरकारी सेवा में कार्यरत होने के बाद भी प्रेम सिह को समाज सेवा और कृषि से गहरा लगाव है। वे कृषि के काम से निपटकर सिलाई के काम भी करते है आसपास के गाँवो जाकर वे जरुरतमंदो महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण भी देते हैं। और वे आटे सीमेंट के खाली कट्टों के रेशो से कालीन, बैग साज सज्जा के लिए डिजाइनदार फूल गुलदस्ता की बनाते हैं जिनकी माँग शहरो तक होती हैं।

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किसानश्री पुरस्कार से नवाजे गये प्रेम ने बताया कि आज नवयुवक मात्र दस हजार की नौकरी के लिए सुबह से लेकर रात तक काम करते है पर अपने स्वरोजगार से मुँह मोड रहे है जबकि यहाँ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्सय पालन जैविक खेती से रोजगार की अपार सम्भावना है।

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