गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय ने दी सौगात. गाइडेंस एवं काउंसलिंग में पीजी डिप्लोमा शुरू. खुलेंगे करियर के द्वार|Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
हरिद्वार। लंबे समय से जिस पहल का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार साकार हो गई है। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार के मनोविज्ञान विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन गाइडेंस एवं काउंसलिंग (PGDGC) की विधिवत शुरुआत हो गई है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर प्रतिभा मेहता लूथरा की पहल और मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरुण कुमार के प्रयासों से यह बहुप्रतीक्षित डिप्लोमा अब विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हो गया है।

इस निर्णय से विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के साथ-साथ हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से मनोविज्ञान के क्षेत्र में गाइडेंस एवं काउंसलिंग का डिप्लोमा शुरू किए जाने की मांग उठती रही थी। बदलते समय में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और प्रशिक्षित काउंसलर्स की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए इस पाठ्यक्रम की मांग लगातार बढ़ रही थी।
जानकारी के अनुसार, इस डिप्लोमा को शुरू करने की प्रक्रिया करीब एक माह पहले ही कुलपति प्रोफेसर प्रतिभा मेहता लूथरा के निर्देशन में प्रारंभ कर दी गई थी। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी गई है, जिसके साथ ही प्रवेश का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन और मनोविज्ञान विभाग इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण शैक्षणिक विस्तार के रूप में देख रहे हैं। मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरुण कुमार का मानना है कि यह डिप्लोमा विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कॉरपोरेट संस्थान, सामाजिक संगठन और निजी काउंसलिंग केंद्रों में प्रशिक्षित गाइडेंस एवं काउंसलिंग विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय द्वारा इस डिप्लोमा की शुरुआत क्षेत्र के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसर साबित होगी।

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन गाइडेंस एवं काउंसलिंग (PGDGC) के प्रमुख लाभ
- करियर के नए अवसर – स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल, एनजीओ, कॉरपोरेट और काउंसलिंग सेंटर में रोजगार की संभावना।
- मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेषज्ञता – तनाव, अवसाद, चिंता और व्यवहार संबंधी समस्याओं को समझने एवं समाधान देने का प्रशिक्षण।
- स्कूल एवं करियर काउंसलर बनने का अवसर – विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर और व्यक्तिगत विकास संबंधी मार्गदर्शन देने की योग्यता।
- रोजगार और स्वरोजगार दोनों की संभावना – निजी काउंसलिंग प्रैक्टिस या काउंसलिंग सेंटर शुरू करने का अवसर।
- प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उपयोगी – शिक्षा, मनोविज्ञान और काउंसलिंग से जुड़े विभिन्न पदों पर अतिरिक्त योग्यता के रूप में लाभ।
- संचार एवं व्यक्तित्व विकास – प्रभावी संवाद, समस्या समाधान और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि।
- समाज सेवा का अवसर – बच्चों, किशोरों, महिलाओं, बुजुर्गों और विशेष आवश्यकता वाले लोगों के मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग में योगदान।
- बढ़ती मांग वाला प्रोफेशन – नई शिक्षा नीति (NEP) और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण प्रशिक्षित काउंसलर्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
- उच्च शिक्षा में सहायक – मनोविज्ञान एवं काउंसलिंग के क्षेत्र में आगे की पढ़ाई और शोध के लिए मजबूत आधार।
- व्यावहारिक प्रशिक्षण – काउंसलिंग तकनीक, केस स्टडी, इंटरव्यू स्किल और व्यवहारिक अनुभव प्राप्त होता है।
- व्यक्तिगत विकास – भावनात्मक संतुलन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और दूसरों को बेहतर ढंग से समझने की योग्यता विकसित होती है।
- राष्ट्र निर्माण में योगदान – विद्यार्थियों और समाज के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का
