Pauri News…” गीता ” ने एक वोट से प्रमुख का चुनाव ” जीता ” और फिर ली शपथ| अब शपथ पूरी करने की बारी| जगमोहन डांगी की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस-जगमोहन डांगी, पौड़ी
विकासखंड खंड कल्जीखाल ब्लॉक प्रमुख पद पर श्रीमती गीता देवी की ताजपोशी हो चुकी है। जीत हासिल करने के बाद गीता ने शपथ ग्रहण कर भी कर ली है। अब बारी है विकास की गंगा बहाने की। गीता ने एक वोट से ब्लाक प्रमुख का चुनाव जीता था। खास बात यह है कि गीता ने पहली बार सियासत भाग्य आजमाया और कमाल कर दिखाया है लेकिन ये कमाल अब विकास के मामले में भी होना चाहिये। आइये इस खबर में प्रमुख साहिबा के बारे में भी चर्चा करते हैं। चलिये शुरू करते हैं।

देखा जाये और कहा जाये तो श्रीमती गीता ने न तो प्रधान का और ना ही क्षेत्र लड़ा। हा, क्षेत्र पंचायत का चुनाव का एक प्रकार से निर्विरोध ही जीत गयी थी। खबर में विस्तार से आगे बताया जा रहा है।
विकास खंड कल्जीखाल में श्रीमती गीता देवी ने शुक्रवार को विकास खंड कल्जीखाल का प्रमुख पदभार ग्रहण कर लिया
प्रमुख पद पर गीता देवी की पत्नी दावेदारी की कहीं दूर दूर तक कोई चर्चा नहीं थी।


ज्ञात हो कि गीता देवी ने मिरचोड़ा क्षेत्र पंचायत सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। जहां उनके प्रतिद्वंदी तौर पर में चुनाव लड़ रही इंदु देवी का आवेदन पत्र निरस्त हुआ उसी दिन गीता देवी के प्रमुख बनने की प्रबल संभावना बन गई थी। गीता देवी के पति संजय कुमार लंबे समय से विकास खंड कल्जीखाल में युवा कल्याण विभाग की ओर से पीआरडी पद पर कार्यरत है। वह विगत 15 वर्षों से ब्लॉक में अपनी सेवाएं दे रहे है। वह पूर्व प्रमुख राणा दंपती के बहुत करीबी है। उन्हें राणा दंपती अपने परिवार के सदस्य की तरह मानते है।
संजय कुमार अपने आप में भी एक व्यवहार कुशल व्यक्ति है। उनके के ही प्रयासों से उनकी भाभी श्रीमती बबीता देवी लगातार दो बार सामान्य सीट पर भी ग्राम पंचायत सुला की प्रधान पद पर रही है। और पिछले बीड़ीसी सदन में बबीता देवी ही एक मात्र प्रधान थी जो दुबारा जीत कर आई थी। जबकि इस बार तो बीडीसी सदन में दो दर्जन प्रधान या पति या पत्नी के रूप में दुबारा निर्वाचित होकर आए है। यदि गीता देवी के प्रतिद्वंदी प्रत्याक्षी क्षेत्र पंचायत सदस्य मिर्चोड़ा इंदु देवी का आवेदन तकनीकी कारणों से निरस्त नहीं होता तो शायद श्रीमती गीता देवी के क्षेत्र पंचायत सदस्य बनाना आसान नहीं होता क्योंकि दूसरे प्रत्याक्षी को इंदु देवी को पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विवेक नेगी टोनी का समर्थन था जिनका क्षेत्र में स्वयं अपना एक जनाधार है।

इंदु देवी मिरचोड़ा गांव से रहने वाली है। स्वाभाविक था कि उन्हें अपना गांव का भी समर्थन मिलता लेकिन वह चुनाव लड़ने से पहले ही सरकारी विद्यालय में भोजन माता के पद पर कार्यरत होने के चलते चुनाव से बाहर हो गई जिस कारण गीता देवी के लिए प्रमुख बनने का रास्ता साफ हो गया इसी को शायद राजयोग कहते है।
