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PNBHFL|जानिये….पसीना-पसीना हुये ” पंकज डबराल ” ने क्यों कहा कि “TIRED हूं RETIRED नहीं “| पढ़िये पूरी खबर

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CITYLIVE TODAY. MEDIA HOUSE


स्वतंत्रता दिवस के पुनीत मौके पर खासो-आम सबकुछ बिसरा कर आजादी के जश्न में डूबा। आन-बान-शान से तिरंगा लहराया व फहराया गया। द्रोणनगरी देहरादून के ऊर्जावान युवा पंकज डबराल ने कुछ हटकर व खास किया और गहरी-गहरी सांस लेते हुये कहा कि टायर्ड नहीं लेकिन रिटायर्ड नहीं। सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस की इस खबर में जानते हैं कि आखिर पंकज डबराल ने ऐसा कहा तो क्यों।
दरअसल, देहरादून के हर्रावाला के रहने वाले पंकज डबराल PNB HFL हरिद्वार में सीनियर पर कार्यरत हैं। हमेशा नया कर गुजरने की दीवानगी डबराल के जहन में बसी रहती है। इस बार आजादी के अमृत महोत्सव में पंकज डबराल ने सोचा कि देहरादून से हरिद्वार व हरिद्वार से देहरादून एक दिनी साइकिल यात्रा की जाये।

इधर, सीनियर एडवोकेट आशीष पंवार ने पंकज डबराल को बधाई देते हुये कहा कि पंकज एक ऊर्जावान व इनोवेटिव युवा है। उनकी यह साइकिल यात्रा अन्य युवाओं को भी प्रेरित करेगी।

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सो, 15 अगस्त की सुबह को एक कप चाय की चुस्की लेने के बाद पंकज डबराल ने तिरंगा लेकर कर दी शुरू कर अपनी साइकिल यात्रा। सुबह आठ बजे के आसपास पंकज साइकिल की सवारी करते हुये हरिद्वार पहंुंचे। पसीना-पसीना हुये पंकज की जुबान पर भारत माता की जय के जयकारे रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। हरिद्वार पहुंचने पर सीनियर एडवोकेट आशीष पंवार के दफ्तर में पंकज डबराल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यहां एडवोकेट के व्यवस्थापक अरूण ने पंकज डबराल का स्वागत करते हुये उन्हें गले से लगाया। यहां फिर पंकज डबराल ने फिर चाय की चुस्की ली और फिर चले पड़े वापस देहरादून की ओर।

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आखिरकार पसीना-पसीना हुये पंकज डबराल देहरादून पहुंचे और गदगद नजर आये। उनके चेहरे पर खुशी व गौरव के कई भाव एक साथ तैर रहे थे। दूरभाष पर हुयी बातचीत में पंकज डबराल ने टायर्ड हूं लेकिन रिटायर्ड नहीं। अगले साल फिर 15 अगस्त ऐसी ही साइकिल यात्रा होगी।

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