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लैंसडौन….. तो क्या महंत के लिए खतरे की घण्टी..?साभार-वरिष्ठ पत्रकार, अजय रावत

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सिटी लाइव टुडे, साभार-वरिष्ठ पत्रकार, अजय रावत

लैंसडौन में कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने तक सतह पर जितना बबंडर उमड़ रहा था, क्या वह अब शांत हो गया है.? अंदर जो भी हालत हों, लेकिन ज्योति के प्रदेश महिला कांग्रेस का अध्यक्ष बनने, रघुवीर को प्रदेश महामंत्री का रुतबा नवाज़ने के बाद श्रीनगर विस् भेजे जाने के बाद दीपक भंडारी द्वारा अपने गृह नगर की बेटी को आशीर्वाद दिए जाने की तस्वीर इस बात की ओर इशारा करती है कि अब लैंसडाउन का मुकाबला कांटे का होगा।

एक सप्ताह पूर्व ही लगता था कि जबरदस्त एन्टी इनकमबेंसी के बावजूद कांग्रेस की सतह पर आ चुकी कलह महंत की राह को आसान कर रही है। अनुकृति का विरोध इस कदर तीखा था कि लगता था अनुकृति को टिकट देकर कांग्रेस भाजपा को वॉकओवर देने जा रही है। लेकिन निःसंदेह अब हालात ऐसे नहीं हैं। इतने तीक्ष्ण विरोध के बाद भी किसी कांग्रेसी का बतौर बागी प्रत्याशी मैदान में न उतरने के बाद निश्चित रूप से अनुकृति का हौसला बढ़ा है। अनुकृति का “लड़की हूँ लड़ सकती हूँ” का जज़्बा भी इन अनुकूल परिस्थितियों में और मजबूत हो रहा होगा।
इन बदले हालात में अब महंत को अपना मठ बचाने के लिए सर्वोच्च प्रयास करने होंगे। यदि महंत द्वारा किसी एक मोर्चे पर भी चूक होती है तो 2022 की विस् में शायद लैंसडोन विस् क्षेत्र को सबसे युवा प्रतिनिधि भेजने का ख़िताब हासिल हो जाएगा। सनद रहे डॉ हरक सिंह रावत भी इस बार खाली बैठे हैं, पूरा समय लैंसडौन में दे सकते हैं, फ़िलहाल विरोधियों का उन्हें चुका हुआ मानना भूल होगा।

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