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पौड़ी जनपद|भाजपा-कांग्रेस का गणित बिगाड़ सकते धीरेंद्र, मोहन व दिग्मोहन|अजय रावत, वरिष्ठ पत्रकार

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सिटी लाइव टुडे, अजय रावत, वरिष्ठ पत्रकार

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनपद पौड़ी में जो सियासी तस्वीर उभर कर आ रही है उसमें श्रीनगर, चौबट्टाखाल व कोटद्वार में भाजपा व कांग्रेस की संभावनाओं की राह में और भी रोड़े हैं। श्रीनगर में यूकेडी के मोहन काला, चौबट्टाखाल में आप के दिग्मोहन नेगी व कोटद्वार में भाजपा के बागी धीरेंद्र चौहान चुमाव परिणाम को तय करने की कुंजी साबित होंगे।


श्रीनगर की बात करें तो वहां 2017 में निर्दलीय मैदान में उतरे गढ़वाल के ऐतिहासिक गांव सुमाड़ी के लाल और संसाधनों के धनी मोहन काला ने साढ़े चार हज़ार से अधिक मत प्राप्त किये थे, यह कहना तो जल्दबाजी होगा वह इस सीट पर पहले दो पायदान की लड़ाई में होंगे, लेकिन वह निश्चित रूप से अच्छे खासे वोट पर कब्ज़ा कर चुनाव परिणाम को निर्णायक रूप से प्रभावित अवश्य करेंगे।
चौबट्टाखाल में राजपाल का टिकट कटने के उपरांत जिस तरह से कांग्रेस संगठन व युवा मतदाताओं का विरोध सतह पर नज़र ही नहीं आया बल्कि दर्जनों पदाधिकारियों द्वारा त्यागपत्र भी देने की सूचना है उससे आप के दिग्मोहन के पास कुछ बड़ा कर गुजरने का अवसर अवश्य आ गया है। अपने सघन जनसंपर्क और युवा तुर्क होने के साथ स्थानीयता का फैक्टर अब कांग्रेस से असंतुष्ट मतदाताओं को दिग्मोहन अपनी तरफ मोड़ सकते हैं। इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय की तरफ अग्रसर हो जाये तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
कोटद्वार की फिलहाल की तस्वीर साफ इशारा करती है कि धीरेंद्र के मैदान में होने से पहले से मजबूत कांग्रेस की राह अपने आप साफ होने लगी है। यदि 31 जनवरी तक भाजपा धीरेंद्र को नाम वापसी के लिए राजी नहीं कर पाई तो शायद यहां कांग्रेस के लिए वाक ओवर जैसी स्थिति बन जाये। धीरेंद्र यदि शिद्दत से मुकाबले में बने रहे तो यह कहने में भी गुरेज़ नहीं होना चाहिए कि इस सीट पर कहीं तथाकथित रूप से विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी भाजपा यहां मुख्य मुकाबले से बाहर ही न हो जाये।

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