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रैवासी-प्रवासी के मिलन पर हरियाली का तड़का | द्वारीखाल से जयमल चंद्रा की रिपोर्ट

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गांव में कई सालों के बाद मिल रहे हैं रैवासी व प्रवासी
सिटी लाइव टुडे, जयमल चंद्रा, द्वारीखाल

पहाड़ों की रौनक इन दिनों देखते ही बन रही है। सीधे शब्दों में कहें तो रैवासियों व प्रवासियों के मिलन का गवाह हरियाली बनी हुयी है। प्रकृति श्रृंगार के बीच प्रवासियों की चहल-कदमी ने गांवों की खूबसूरत फिजांओें मे तड़का लगा दिया है। खेतों में उगी मुंगरी आदि को देखने से दिल बाग-बाग हो जाता है। सोने पर सुहागा यह कि अब इंद्रदेव भी मेहरबान हो गये हैं। कहने का मतलब यह है कि चारों ओर हरियाली छायी हुयी है।

कोविड के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी अपने-अपने घरों को लौटे हैं। इससे गांवों की रौनक बढ़ गयी हैं। ऐसे भी गांव थे जहां बहुम ही कम लोग रहे थे लेकिन कोविड काल में इन गांवोें में चहल-पहल बढ़ी है। इस मौसम में प्रवासी लोग भी खेतों में खेती कर रहे हैं।

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साग-सब्जी के पौधे लगाये और अब ये पौधे उगकर बड़े भी होने लगे हैं। जनपद पौड़ी के द्वारीखाल ब्लाक के बमोली गांव में भी इन दिनों नजारा देखते ही बन रहा है। जागरूक नागरिक जयमल चंद्रा ने बताया कि इन दिनों में लोग मुंगरी यानि मक्का आदि की गुडाई कर रहे हैं। बमोली गांव के ही दीपक सिंह रावत बताते हैं कि गांव में माहौल बेहद सुंदर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि एक प्रकार से संगम स्थल बन गये हैं गांव। रैवासी और प्रवासी आपस मेें कई सालों के बाद मिल रहे हैं। बमोली के ही जवाहर सिंह, भूपेंद्र सिंह, हर्षमोहन व राम आदि ने बताया कि हरियाली और रैवासी प्रवासी का मिलन सच में अद्भुत ही है।

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