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Haridwar..पदोन्नति और 4200 ग्रेड पे की मांग पर स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का हल्लाबोल|Click कर पढ़िये पूरी News

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सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस

देहरादून। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड ने कर्मचारियों की पदोन्नति, पदनाम परिवर्तन और 4200 ग्रेड पे की मांग को लेकर महानिदेशालय देहरादून के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने वार्ड प्रभारी, पर्यावरण सहायक प्रभारी, मुख्य गार्ड तथा प्रभारी कार्यालय सहायक जैसे पदनाम निर्धारित कर कर्मचारियों को टेक्निकल घोषित करने की मांग उठाई है।

पदनाम बदलने, टेक्निकल घोषित करने और 4200 ग्रेड पे की मांग पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का मोर्च

संघ का कहना है कि चार बार समझौता होने के बावजूद कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधी मांगें पूरी नहीं की गई हैं। संगठन लंबे समय से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लैब सहायक, डार्क रूम सहायक और ओटी सहायक के पदों पर पशुपालन एवं उद्यान विभाग की नियमावली के अनुरूप पदोन्नति देने की मांग कर रहा है। 21 अगस्त 2026 को पुनः समझौता होने के बाद आईपीएचएस मानकों के तहत वन टाइम सेटलमेंट के माध्यम से पदोन्नति देने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अभी तक महानिदेशालय द्वारा प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा गया है।

प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, महामंत्री सुनील अधिकारी, प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर, जिला मंत्री राकेश भंवर और उपाध्यक्ष मूलचंद चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वर्षों से तकनीकी प्रकृति के कार्य कर रहे हैं। रोगियों की ड्रेसिंग, प्लास्टर में सहयोग, आपातकालीन सेवाओं में सहायता, ऑपरेशन थिएटर में स्टरलाइजेशन, जनरेटर एवं ऑक्सीजन जनरेटर संचालन, लैब और ब्लड बैंक में एचबी व ब्लड ग्रुप जांच, रक्त लेना, वार्ड में आईवी फ्लूड बदलना तथा कैथेटर लगाने जैसे कार्य कर्मचारी मानवता और सेवा भावना के तहत कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान सफाई कर्मचारी और वार्ड बॉय सबसे पहले रोगियों की सेवा में जुटे रहे, लेकिन उन्हें न तो कोई विशेष पारितोषिक मिला और न ही पदोन्नति का लाभ। स्वास्थ्य विभाग के अन्य संवर्गों को पदोन्नति और पदोन्नति वेतनमान के प्रस्ताव भेजे गए, जबकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश पंत, उपाध्यक्ष नेल्सन अरोड़ा, प्रदेश संगठन सचिव दिनेश गुसाईं और सुरेंद्र कश्यप ने कहा कि दस वर्ष पूर्व 47 पदों पर पदोन्नति हुई थी, जबकि अब दस वर्ष बाद मात्र 39 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया परीक्षा के माध्यम से कराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूकेएसएसएससी के माध्यम से परीक्षा कराने की व्यवस्था कर्मचारियों के लिए कठिन है। संगठन के अनुसार, लगभग 150 से 200 कर्मचारी पदोन्नति की प्रतीक्षा में हैं, जबकि इतने ही कर्मचारी पदोन्नति की आस में सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पशुपालन विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वैक्सीनेटर के पद पर पदोन्नति देता है, वहीं उद्यान विभाग में माली को टेक्निकल घोषित कर उद्यान सहायक बनाया जाता है। इसके विपरीत स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

पदनाम परिवर्तन और 4200 ग्रेड पे की मांग

संगठन ने वार्ड बॉय, वार्ड आया, सफाई कर्मचारी, चौकीदार और अनुसेवक के पदनाम बदलकर पदोन्नति का प्रस्ताव शासन को भेजने की मांग की है। इसके तहत वार्ड बॉय एवं वार्ड आया को वार्ड सहायक, वरिष्ठ वार्ड सहायक और प्रभारी वार्ड सहायक; सफाई कर्मचारी को पर्यावरण सहायक, वरिष्ठ पर्यावरण सहायक और प्रभारी पर्यावरण सहायक; चौकीदार को गार्ड, वरिष्ठ गार्ड और मुख्य गार्ड; जबकि अनुसेवक को कार्यालय सहायक, वरिष्ठ कार्यालय सहायक और प्रभारी कार्यालय सहायक के पदनाम दिए जाने की मांग की गई है। संगठन ने उद्यान विभाग की तर्ज पर 4200 ग्रेड पे देने की भी मांग उठाई है, ताकि कर्मचारी सम्मानजनक स्थिति में सेवानिवृत्त हो सकें।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और न्यायालय का रास्ता

प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा और महामंत्री सुनील अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि महानिदेशालय प्रशासन द्वारा पदोन्नति और पदनाम परिवर्तन पर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन के साथ असहयोग आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने वर्षों से कर्मचारियों के उत्पीड़न और शोषण के विरोध में नैनीताल उच्च न्यायालय में वाद दायर कर महानिदेशालय के अधिकारियों को पक्षकार बनाने की भी बात कही। संगठन जल्द ही इस संबंध में महानिदेशालय को पत्र देगा तथा मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं और पदोन्नति में हो रही देरी से अवगत कराएगा।

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प्रदर्शन में दिनेश लखेड़ा, सुनील अधिकारी, राजेंद्र तेश्वर, राकेश भंवर, मूलचंद चौधरी, नितिन, चंद्र प्रकाश सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं उपनल कर्मचारियों ने भी चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड को समर्थन दिया। संगठन ने जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के उपनल कर्मचारियों को भी अपने संगठन में शामिल करने की बात कही।

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