Kotdwar News…सतर्कता जागरूकता कार्यशाला : भ्रष्टाचार के विरुद्ध 1064, 1905 और CVC हेल्पलाइन की दी जानकारी |कमल उनियाल की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी कोटद्वार में महाविद्यालय परिसर में हाल ही में छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष ‘सतर्कता जागरूकता कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक करना और उन्हें इसके विरोध में आवाज उठाने के लिए सशक्त बनाना था।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
कार्यशाला के दौरान छात्राओं को भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने के लिए विभिन्न टोल-फ्री नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें उत्तराखण्ड सरकार का टोल-फ्री नंबर 1064, सीएम हेल्पलाइन 1905 और CVC हेल्पलाइन 1800-11-0180 शामिल रहे। विशेष रूप से बताया गया कि 1064 नंबर और ‘1064 Anti-Corruption App’ पर शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, जिससे नागरिक बिना किसी डर के अपनी बात रख सकें।
प्राचार्य डॉ. हरिश्चंद्र के विचार
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. हरिश्चंद्र ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा,
“सतर्कता जागरूकता केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। हमारे महाविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि चरित्रवान और ईमानदार नागरिक तैयार करना है। मुझे गर्व है कि हमारे छात्र-छात्राएं सत्यनिष्ठा की इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। महाविद्यालय प्रशासन भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रहा है।”
बेटियों के लिए ईमानदारी सबसे बड़ा सुरक्षा कवच: डॉ. कविता अहलावत
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. कविता अहलावत ने कहा कि ईमानदारी सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है, खासकर हमारी बेटियों के लिए। जब आप ईमानदारी से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहेंगी, तो कोई भी आपका शोषण नहीं कर सकता। उन्होंने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि यदि कहीं भी अनुचित मांग, रिश्वत या उत्पीड़न का सामना हो, तो निडर होकर 1064 पर शिकायत करें, क्योंकि आपकी आवाज ही वास्तविक बदलाव लाएगी।
मूल्य और ईमानदारी पर व्याख्यान
वाणिज्य विभाग के डॉ. वीरेन्द्र कुमार सैनी ने “मूल्य और ईमानदारी” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी केवल एक नैतिक गुण नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक ऐसी कला है जो व्यक्ति को व्यक्तिगत समृद्धि से होते हुए राष्ट्रीय समृद्धि तक ले जाती है।

सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने मिलकर सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा ली और भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
