Pauri News…स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों की उपेक्षा पर फूटा गुस्सा: त्रैमासिक बैठक में उठाई गईं कई मांगें|कमल उनियाल की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
पौड़ी: हमारे देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को भला कौन भूल सकता है। आज उन्हीं के बलिदानों के कारण हम सब आजादी की सांस ले रहे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि आज भी उनके उत्तराधिकारियों को वह सम्मान और हक नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक हकदार हैं।

इसी परिप्रेक्ष्य में पौड़ी जनपद के सतपुली स्थित चौहान लाज में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से पहुंचाना था, लेकिन देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले इन परिवारों की हो रही उपेक्षा को लेकर बैठक में गहरी नाराजगी व्यक्त की गई।

दीप प्रज्वलित कर दी गई श्रद्धांजलि
बैठक का शुभारंभ संगठन के अध्यक्ष यशपाल रावत ने दीप प्रज्वलित कर और स्वतंत्रता सेनानियों के चित्रों पर माल्यार्पण व श्रद्धांजलि अर्पित करके किया।
सरकार के उदासीन रवैये पर जताई नाराजगी
अपने संबोधन में अध्यक्ष यशपाल रावत ने कहा कि सरकार द्वारा परिजनों को जो सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए, आज भी वे उनसे वंचित हैं। वहीं, संगठन के कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह रावत तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम सिंह रावत ने सरकार पर उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान के प्रति उपेक्षापूर्ण भेदभाव और उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए गहरा खेद व्यक्त किया।

बैठक में उठी प्रमुख मांगें:
- प्राथमिकता और सख्त कार्रवाई: संगठन के महासचिव रोशन रावत ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों को प्राथमिकता दी जाए और फर्जी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- पेंशन और आरक्षण: बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में पेंशन बढ़ाने, सरकारी नौकरियों में उत्तराधिकारियों के परिवारों को आरक्षण देने तथा शहीदों के सम्मान में शहीद स्मारक बनाने की पुरजोर मांग उठाई।
इस अवसर पर संगठन के सुरेश जोशी, शीशपाल सिंह रावत, गोपाल सिंह नेगी, दलीप सिंह रावत, सतेंद्र सिंह रावत, मदन सिंह रावत, उदय सिंह नेगी, प्रेम सिंह रावत और आनंद सिंह सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
