Haridwar News….मेला अस्पताल के आवासीय परिसर पर मंडरा रहा खतरा ? सूखे पेड़ और वन्यजीवों से लग रहा ” डर ” |Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की
हरिद्वार, अक्टूबर। मेला चिकित्सालय हरिद्वार के आवासीय परिसर में रहने वाले कर्मचारी और उनके परिवार वन्यजीवों तथा जर्जर पेड़ों के कारण भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। इस समस्या को लेकर चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ, चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड ने जिलाधिकारी को संबोधित पत्र देकर वन विभाग से तत्काल कार्रवाई कराने की मांग की है। संघ ने आरोप लगाया कि कई बार पत्राचार करने के बावजूद विभाग की ओर से समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने बताया कि मेला चिकित्सालय का आवासीय परिसर जंगल से सटा हुआ है। यहां पेड़ों की टहनियां आवासों की ओर झुकी हुई हैं, जिससे सांप, अजगर और अन्य विषैले जीवों के परिसर में पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा परिसर में एक विशालकाय पेड़ कई महीनों से सूखा हुआ है। दीमक लगने के कारण पेड़ जर्जर हो चुका है, जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

दिनेश लखेड़ा ने आरोप लगाया कि पेड़ों की टहनियों की छंटाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूर्व में भी वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र देकर अनुरोध किया गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वन विभाग को नौ अक्टूबर 2026 को भी पत्र दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वन विभाग की कथित लापरवाही के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों में भय बना हुआ है। जर्जर पेड़ और वन्यजीवों का खतरा उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।
तारबाड़ और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
संघ की ओर से मेला चिकित्सालय परिसर के आसपास जंगल की ओर तारबाड़ लगाने, सूखे और जर्जर पेड़ को हटाने तथा आवासों की ओर झुकी पेड़ों की टहनियों की छंटाई कराने की मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि परिसर में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जल्द कदम उठाने चाहिए।

इस संबंध में दिनेश लखेड़ा, नितिन, विक्रम राणा, मूलचंद चौधरी, रुपेश, राय सिंह, अर्पित, केदार सिंह, मुनेश सहित अन्य कर्मचारियों ने प्रशासन से समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।
