Dehradun: मानसून में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त |Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
देहरादून, 01 जुलाई। जनपद में संभावित आपदा के हालातों के मद्देनजर डीएम डॉ. आशीष चौहान ने आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं, संचार प्रणाली और संबंधित तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे। किसी भी सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने एनआईसी सभागार से संबंधित विभागीय अधिकारियों और एसडीएम के साथ वर्चुअल बैठक की। जिसमें सड़कों की स्थिति, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, जलभराव, आपदा प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा के बाद अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
डॉ. चौहान ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों के लिए खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए। कहा कि सड़कों पर गड्ढे नहीं रहने चाहिए। चेताया कि यदि विभागीय लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी व संस्था की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों के स्टोन क्रशरों की स्थिति का सत्यापन कर प्रमाणित करने को कहा कि वे वर्तमान में संचालित नहीं हैं और नदियों में कोई खनन गतिविधि नहीं हो रही है। कहा कि 01 जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में खनन गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी। इस अवधि में खनिज परिवहन करते मिलने पर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों में वार्निंग सायरन और सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश भी दिए। सीएमओ को निर्देश दिए कि दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं, जिनकी अगले एक सप्ताह से दस दिनों में प्रसव संभावित है, उन्हें पूर्व से ही सुरक्षित स्थान या अस्पताल के निकट ठहराया जाए।
डीएम ने जनपद के सभी नगर निकायों को डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने और नई स्ट्रीट लाइटें स्थापित करने को भी कहा।
जिलाधिकारी ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों का चिन्हीकरण करने और भारी वर्षा या बाढ़ की स्थिति में उन्हें शिफ्ट करने की तैयारी करने के निर्देश भी दिए।
बताया गया कि आपदा के दृष्टिगत जलभराव और नदी किनारे नगर निगम ने 29 क्षेत्र नगर निगम चिन्हित किए हैं, जिनमें 3700 परिवार और 900 घर है। प्रशासन द्वारा उन्हें मॉनिटर किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को वर्षाकाल में मानकों के विपरीत सड़क निर्माण, मरम्मत संबंधी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकुश पांडेय, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
