Haridwar@ ” याद आ रही है ” जीवंत हो उठा ‘” यादों का मनोविज्ञान “|Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के परास्नातक (Post Graduate) पास-आउट छात्रों के लिए आयोजित विदाई समारोह ‘ याद आ रही है ‘ बेहद यादगार और भावुक क्षणों का गवाह बना। इस विदाई समारोह में जुदाई के सार सारे भाव इस कदर एकसार हुए कि कुछ पलों के लिए पूरा माहौल बेहद भावुक हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो छात्र-छात्राओं और गुरुजनों के चेहरों पर स्मृतियों का पूरा मनोविज्ञान (Psychology) जीवंत हो उठा हो। कार्यक्रम में जहां गुरुजनों ने दिल खोलकर शिष्यों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया, वहीं छात्रों ने भी अपने गुरुओं के प्रति गहरी श्रद्धा प्रकट की।


मनोविज्ञान विभाग के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धा, विछोह और अपनत्व के अनूठे रंग देखने को मिले। बीते दो वर्षों के सफर की यादें महज दो घंटे के इस कार्यक्रम में सिमट आईं। पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद अब छात्र अपने करियर की नई योजनाओं पर काम करेंगे, जिससे उनका आपस में मिलना-जुलना भले ही कम हो जाए, लेकिन इन दो वर्षों में उपजा प्रेम और अपनत्व का यह रिश्ता हमेशा दिलों में जिंदा रहेगा।

इस अवसर पर मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार ने अपने संबोधन में छात्रों के प्रति गहरा स्नेह व्यक्त किया। बोलते हुए प्रो. अरुण कुमार स्वयं भी भावुक हो उठे और उन्होंने छात्रों के दो साल के अनुशासित सफर की सराहना करते हुए उन्हें कामयाबी का आशीर्वाद दिया।
विभाग के डॉ. दीपक कुमार ने छात्रों को करियर मार्गदर्शन देते हुए बताया कि मनोविज्ञान में परास्नातक के बाद समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियां कितनी बढ़ गई हैं। वहीं, डॉ. मनोज कुमार चौहान ने मनोविज्ञान के मूल मकसद और इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की और भावुक मन से छात्रों को विदाई दी।
डॉ. नवीन पंत ने वर्तमान समय में मनोविज्ञान के बढ़ते महत्व और इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस विशेष अवसर पर डीआईटी (DIT) देहरादून के मनोविज्ञान विभाग के डॉ. अभिषेक भारद्वाज ने भी बतौर अतिथि उपस्थित होकर छात्रों को महत्वपूर्ण टिप्स दिए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह रहे उपस्थित: कार्यक्रम में विभाग के डॉ. विक्रम सिंह, पीएचडी स्कॉलर प्रशांत, ज्योति, आंचल सहित प्रियांशु, अमित धस्माना, योगेश रावत, वासु, निशांत, मनीष चौहान, अनूप आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मलखीत सिंह ने किया।
करियर और समाज के प्रति जिम्मेदारी पर हुआ मंथन कार्यक्रम में शिक्षकों ने छात्रों को केवल विदा ही नहीं किया, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार भी किया।
- प्रो. अरुण कुमार (विभागाध्यक्ष): उन्होंने भावुक होते हुए छात्रों के दो साल के सफर को सराहा और कहा कि यह रिश्ता दिलों का है जो हमेशा अमर रहेगा।
- डॉ. दीपक कुमार: उन्होंने छात्रों को बताया कि पीजी के बाद अब समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ गई है।
- डॉ. मनोज कुमार चौहान: उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी में मनोविज्ञान के प्रयोग और इसके असली मकसद को समझाया।
- डॉ. नवीन पंत: उन्होंने आज के दौर में तेजी से बढ़ती साइकोलॉजी की प्रासंगिकता और इसके महत्व पर उपयोगी विचार रखे।
इस मौके पर डीआईटी (DIT) देहरादून के डॉ. अभिषेक भारद्वाज ने भी छात्रों को करियर के महत्वपूर्ण टिप्स दिए।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: भावुकता और खुशियों के इस माहौल में डॉ. विक्रम सिंह, पीएचडी स्कॉलर प्रशांत, ज्योति, आंचल, प्रियांशु, अमित धस्माना, योगेश रावत, मयंक पांडेय. वासु, निशांत, मनीष चौहान और अनूप सहित कई छात्र उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम को मलखीत सिंह ने अपने बेहतरीन संचालन से बांधे रखा।
