Uttarakhand के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन |Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
Former CM BC Khanduri passes away : देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवनचंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ थे। देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने सुबह करीब 11ः10 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से उत्तराखंड समेत पूरे देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। उनके निधन को राज्य और देश के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

सेना से राजनीति तक का सफर
पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी का जन्म 1 अक्टूबर 1934 को देहरादून में हुआ था। उन्होंने 1954 में भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स में सेवाएं शुरू कीं और करीब 37 वर्षों तक देश की सेवा की। अपने सैन्य जीवन के दौरान उन्होंने तीन युद्धों में भाग लिया और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित हुए। मेजर जनरल पद से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा।
वाजपेयी के करीबी के रूप में पहचान
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी उन्हें अपने भरोसेमंद नेताओं में गिनते थे। वर्ष 1991 में वह पहली बार गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद बने। बाद में वाजपेयी सरकार में उन्हें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री बनाया गया। उनके कार्यकाल में गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना को नई गति मिली। देश में आधुनिक सड़क संपर्क व्यवस्था के विस्तार में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उत्तराखंड में सुशासन की छवि
राज्य गठन के बाद वर्ष 2007 में भाजपा नेतृत्व ने उन्हें उत्तराखंड की कमान सौंपी। वह दो बार मुख्यमंत्री बने और अपने कार्यकाल में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों और प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता दी। मजबूत लोकायुक्त व्यवस्था और साफ-सुथरी कार्यशैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। उनका राजनीतिक जीवन सादगी, ईमानदारी और अनुशासन का प्रतीक माना जाता रहा।
सीएम धामी ने जताया गहरा दुःख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर गहरा दुःख जताया। कहा कि खंडूरी ने भारतीय सेना और सार्वजनिक जीवन दोनों क्षेत्रों में राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण की मिसाल पेश की। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

नोट : समाचार में शामिल जानकारियां विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स से ली गई हैं
