Pauri News…भक्ति और लोक-संस्कृति के रंग में रंगा खैरालिंग कौथिग, प्रवासियों ने भी लिया बाबा का आशीर्वाद|जगमोहन डांगी की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस—जगमोहन डांगी..pauri
पौड़ी (कल्जीखाल)। कल्जीखाल ब्लॉक की असवालस्यूं पट्टी स्थित मुंडनेश्वर में आयोजित दो दिवसीय सुप्रसिद्ध ‘खैरालिंग कौथिग मेले’ का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और भारी उत्साह के साथ समापन हो गया। इस पारंपरिक मेले में न केवल स्थानीय ग्रामीणों, बल्कि देश के कोने-कोने से आए प्रवासी उत्तराखंडियों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर बाबा खैरालिंग के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
भजन संध्या में लोकधुनों पर थिरके श्रद्धालु
मेले के मुख्य आकर्षणों में शामिल रही ‘भजन संध्या’, जहाँ स्थानीय युवा कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। भक्ति गीतों और पारंपरिक लोकधुनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। न्यायरघाटी म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार मनीष पंवार, दीपक चौहान, प्रीति कोली, जगमोहन रावत ‘चौंदकोटिया’ और जितेंद्र जैरवाण की जुगलबंदी ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस सुरीली शाम में संगीत संयोजन दीपक चौहान, विजेंद्र रावत और संतोष मंद्रवाल द्वारा किया गया।

दो दिवसीय सुप्रसिद्ध मेले का श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ समापन।
स्थानीय ग्रामीणों सहित बड़ी संख्या में पहुंचे प्रवासियों ने टेका मत्था।
मुख्य अतिथि आरती नेगी ने मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए ₹5 लाख की घोषणा की।
अत्यधिक भीड़ के कारण लगा लंबा जाम, बिना दर्शन किए लौटे क्षेत्रीय विधायक।
सांस्कृतिक विरासत और अनुशासन बनाए रखने का आह्वान

मेले के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष आरती नेगी का मंदिर समिति द्वारा भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि मेले हमारी संस्कृति की धरोहर हैं, और युवाओं को इनकी परंपरा व अनुशासन को बनाए रखना चाहिए। इस दौरान उन्होंने मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए जिला पंचायत मद से ₹5 लाख की वित्तीय सहायता देने की बड़ी घोषणा भी की।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य पूनम नेगी, पूर्व निदेशक डीसीबी कोटद्वार नरेंद्र सिंह नेगी, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद धनोसी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नीलम डबराल सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय डबराल ‘मिंटू’ ने किया, जबकि मंदिर समिति के अध्यक्ष अनिल नेगी ने सभी आगंतुकों का आभार जताया।
यातायात व्यवस्था रही बड़ी चुनौती: बिना दर्शन लौटे विधायक
मेले की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ उम्मीद से कई गुना अधिक भीड़ उमड़ पड़ी। इसके चलते कल्जीखाल बाजार से लेकर मंदिर मार्ग तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जाम का असर: स्थिति यह रही कि मेले में शामिल होने आ रहे क्षेत्रीय विधायक राजकुमार पोरी भी इस भारी जाम में फंस गए। घंटों मशक्कत के बाद भी रास्ता न मिलने के कारण उन्हें बिना दर्शन किए ही बैरंग वापस लौटना पड़ा।
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में मेले के सफल आयोजन के लिए पुख्ता यातायात प्लान और उचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
