उत्तराखंडसंपादकीय

Aiims Rishikesh आई बैंक ने पार किया 1246 नेत्रदान का आंकड़ा |Click कर पढ़िये पूरी News

Share this news

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस

बीते दिवस दिवंगत सुरेंद्रवती, सुदेश कुमारी एवं राहुल पंवार के परिजनों ने उनके प्रियजनों के निधन के उपरांत उनकी आंखें दान कर मानवता की मिसाल पेश की। इन आई डोनेशन के साथ ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश के आई बैंक में अब तक नेत्रदान का आंकड़ा 1246 हो गया है। इस नेक पहल से छह से आठ दृष्टिबाधित व्यक्तियों को पुनः दृष्टि मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने इस पुनीत कार्य के लिए दानदाता परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कदम समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और अन्य लोगों को भी इस दिशा में आगे आने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए ऋषिकेश आई बैंक, एम्स की टीम को भी बधाई दी।

एम्स ऋषिकेश के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉक्टर) संजीव कुमार मित्तल ने बताया कि सुरेंद्रवती (85 वर्ष, निवासी उग्रसेन नगर) के पुत्र अनुराग भारद्वाज, सुदेश कुमारी (79 वर्ष, निवासी गंगा नगर) के पुत्र राजेश जुनेजा तथा राहुल पंवार (29 वर्ष, निवासी रायवाला) के भाई विक्रम सिंह ने नेत्रदान की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग किया।

सभी परिवारों ने एम्स आई बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर यह कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

उन्होंने यह भी बताया कि हर आयु वर्ग का व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है, चाहे वह चश्मा पहनता हो या उसने मोतियाबिंद की सर्जरी कराई हो।
प्रो. मित्तल के मुताबिक नेत्रदान की प्रक्रिया लगभग 15 मिनट की सरल प्रक्रिया में संपन्न होती है, जिसमें कॉर्निया को सुरक्षित रूप से निकालकर संरक्षित किया जाता है।

आई बैंक की चिकित्सा निदेशक डॉ. नीति गुप्ता के अनुसार प्राप्त कुल 1246 कॉर्निया में से 61% ऋषिकेश, 22% हरिद्वार, 3% देहरादून, 1% रुड़की, 8% उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों तथा 5% देश के अन्य शहरों से प्राप्त हुए हैं।

निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने समाज में नेत्रदान को बढ़ावा देने में विभिन्न संस्थाओं एवं समाजसेवियों के योगदान की विशेषरूप से सराहना की। इनमें सुप्रयास कल्याण संस्थान के डॉ. सत्या नारायण एवं डॉ. शिवम शर्मा, लायंस क्लब ऋषिकेश के गोपाल नारंग, देह दान समिति, हरिद्वार के सुभाष चंद्र, मुस्कान फाउंडेशन की नेहा मलिक तथा मारवाड़ी महिला सम्मेलन (ऋषिकेश शाखा) की नूतन अग्रवाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त समाजसेवी अनिल कक्कड़, संगीता आनंद (ऋषिकेश), अनिल अरोड़ा, समीर चावला, अशोक कालरा (हरिद्वार), विवेक अग्रवाल, हरदीप सिंह (देहरादून) तथा सीमा जैन (रुड़की) द्वारा नेत्रदान जागरूकता में किए गए प्रयासों को भी सराहा गया।

इस उपलब्धि के पीछे ऋषिकेश आई बैंक, एम्स की समर्पित टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जो 24×7×365 निरंतर सेवाएं प्रदान कर रही है। टीम में आई बैंक मैनेजर महिपाल चौहान तथा परामर्शदाता सह तकनीशियन बिंदिया भाटिया, संदीप गुसाईं, पवन सिंह एवं आलोक सिंह का योगदान सराहनीय रहा।

ad12

एम्स ऋषिकेश आई बैंक की यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि समाज में नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता और सहभागिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *