Uttarakhand News….उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती समारोह|Click कर पढ़िये पूरी News

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सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस

देहरादून। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तराखंड ने शनिवार को रजत जयंती वर्ष का भव्य आयोजन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून पहुंचे और राज्य की जनता को अनेक विकास परियोजनाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री ने 8140 करोड़ रुपये से अधिक की 141 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने इस दशक को उत्तराखंड के उत्कर्ष का कालखंड भी बताया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कई जगह गढ़वाली और कुमाउनी भाषा के वाक्यों का उपयोग कर लोगों के दिलों को छूने की कोशिश भी की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरूआत गढ़वाली भाषा में की। उन्होंने कहा, दीदी भुल्यों… दाणा सयाणों, आप सभी तैं म्यार नमस्कार। जिसके बाद पूरा पांडाल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने कहा, आज उत्तराखंड का मन प्रफुल्लित है। नौ नवंबर का ये दिन एक लंबी तपस्या का फल है। यह दिन हर उस व्यक्ति के गर्व का प्रतीक है, जिसने उत्तराखंड के निर्माण का सपना देखा था।

प्रधानमंत्री ने राज्य निर्माण आंदोलन में शामिल लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता का सपना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में साकार हुआ था। उन्होंने कहा, 25 वर्ष पहले जो बीज बोया गया था, आज वह एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड के रूप में फल-फूल रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार राज्य के सामर्थ्य को नई ऊंचाई देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पीएम मोदी ने कहा कि रजत जयंती वर्ष उत्तराखंड की विकास यात्रा का साक्षी है। बताया कि राज्य का बजट 2000 के दशक की 4,000 करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बिजली उत्पादन चार गुना बढ़ा है और सड़कों की लंबाई दोगुनी हो चुकी है। पहले छह महीने में जहां 4,000 हवाई यात्री आते थे, आज एक दिन में ही 4,000 से अधिक यात्री राज्य में पहुंचते हैं। राज्य में अब 10 मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं और हर गांव वैक्सीन कवरेज के दायरे में आ चुका है। उन्होंने कहा, ये उपलब्धियां सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना का परिणाम हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत जब 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष पर विकसित देशों की श्रेणी में पहुंचेगा, तब उत्तराखंड उस लक्ष्य की दिशा में एक अग्रणी राज्य होगा। उन्होंने कहा, यह दशक उत्तराखंड के उत्कर्ष का कालखंड है। जब राज्य बना था, तब चुनौतियां बहुत थीं, संसाधन सीमित थे, बजट कम था। आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य आध्यात्मिक जीवन की धड़कन है। उन्होंने कहा, हर विधानसभा क्षेत्र में योग केंद्र, होम स्टे और आयुर्वेद से जुड़ी परियोजनाएं विकसित होनी चाहिए। राज्य में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की मांग लगातार बढ़ रही है। बताया कि उत्तरा

खंड सरकार सेब और कीवी किसानों को डिजिटल अनुदान देने की योजना शुरू कर रही है, जिससे स्थानीय कृषि को नई दिशा मिलेगी।

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने समापन संबोधन में कहा कि जहां चाह, वहां राह। अगर लक्ष्य स्पष्ट है तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती। उत्तराखंड ने यह सिद्ध कर दिखाया है। उन्होंने राज्य की जनता को रजत जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की यह यात्रा आत्मनिर्भर भारत की यात्रा का अहम अध्याय है।

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