Pauri @ उम्मीदों व मेहनत पर जंगली जानवरों ने फेरा पानी| जगमोहन डांगी की Report

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सिटी लाइव टुडे, जगमोहन डांगी, पौड़ी गढ़वाल


उन्नत कृषि के जरिये ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की बात तो ठीक है लेकिन इस बात पर जंगली जानवर पानी फेर दे रहे हैं। ऐसे में किसान करें तो क्या करें। विकास खंड कल्जीखाल पट्टी मनियारस्यू के ग्राम थनुल के किसानों की व्यथा की कथा भी कुछ-कुछ ऐसी ही है। झुलसा नामक रोग से आलू की फसलों को बचाने के लिये दवा का छिडकाव तो किया और फसल भी अच्छी होने लगी लेकिन जंगली जानवरों ने किसानों की मेहनत व उम्मीद पर पानी फेर दिया है।


जनपद पौड़ी के मनियारस्यंू पट्टी के ग्राम थनुल के ग्रामीण मेहनतकश हैं। खास बात यह है कि यहां सिंचित खेती के साथ साथ नगदी फसलें आलू प्याज भी भारी मात्रा में होती है। लेकिन गत वर्षाे से आलू और प्याज की खेती को कोई झुलसा नामक रोग लग रहा था। इस वर्ष समय रहते ग्राम प्रधान एवं कृषकों ने झुलसा रोग नियंत्रण के लिए उद्यान विभाग से निरंतर संपर्क किया और विभाग ने संज्ञान भी लिया और कृषकों को दवाई खाद आदि उपलब्ध करवाई। इस बार कृषकों को आलू की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी लेकिन उनकी उम्मीद पर एक रात में ही जंगली सूंअरों ने पानी फेर दिया।

एक सप्ताह के बाद ही काश्तकार आलू की तैयार फसल को निकालने वाले थे लेकिन दो रोज पहले ही एक रात में जंगली सुंअरों ने गांव की पूरी आलू की फसल तहस नहस कर डाली। गांव के काश्तकारांे की गांव ने नजदीक एक बहुत बड़ा चेक है। जहां कृषि विभाग द्वारा चारांे तरफ फेंसिंग घेर बाड़ भी है। लेकिन जंगली जानवर उसको भी तोड़ कर चेक के अंदर घुसकर आलू की तैयार फसल को तहस नहस कर गए।

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महिला मंगल दल अध्यक्ष श्रीमती बसंती देवी, पूर्व प्रधान उमा देवी, उप प्रधान लक्ष्मी देवी आदि का कहना है कि आलू बीच की भरपाई भी नही हुई और अब हमने आलू की स्थान पर प्याज की रोपण किया है। लेकिन चिंता सता रही की कहीं आलू की तरह प्याज की खेती को भी इसी प्रकार रौंद देगा तो हम लोग भविष्य खेती एवं उधानी नही करेंगे।

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