रसूलपुर मीठी बेरी| प्रकट हुयी “नारी शक्ति “| अंजू ने ठोकी ताल|टेंशन में कौन

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सिटी लाइव टुडे, पंचायत चुनाव


न्याय पंचायत लालढांग की ग्राम पंचायत रसूलपुर मीठी बेरी की प्रधानी का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। जैसे-जैसे चुनाव की प्रक्रिया बढ़ रही है वैसे-वैसे सियासी समीकरण बदल रहे हैं। ग्राम पंचायत रसूलपुर मीठी बेरी मेें नारी शक्ति की दमदार एंट्री ने कईयों को टेंशन दे दी है। अंजू देवी ने ग्राम पंचायत रसूलपुर मीठी बेरी की प्रधानी पद पर ताल ठोक दी है। ग्राम पंचायत रसूलपुर मीठी बेरी की सियासी पिच पर नारी शक्ति की दमदार एंट्री क्या गुल खिलायेगी, यह तो परिणाम ही बतायेंगे, लेकिन अंजू देवी ने सियासी धार भी पैनी कर दी है। उन्होंने जोरदार सियासी वार-प्रहार भी कर दिये हैं। कहा कि झूठे लोगों को सबक सिखाने का वक्त आ गया है।

अंजू देवी कहती हैं कि गाँव और क्षेत्र को करना है विकसित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अपील की है कि ऐसे ग्राम प्रधान का चुनाव करो जो शिक्षित हो। झूठे लोगों को इस बार सबक सिखाने की बारी है।


एक मोटे अनुमान के अनुसार ग्राम पंचायत रसूलपुर मीठी बेरी में चार हजार के करीब मतदाता है। इस ग्राम पंचायत की सीट पर कमल द्विवेदी ताल ठोक चुके हैं। अब अंजू देवी भी चुनावी समर में कूद गयी हैं। अंजू देवी और उनके पतिश्री नरेश कुमार शर्मा की गांव में ही नहीं बल्कि क्षेत्र में सक्रियता व लोकप्रियता अच्छी-खासी है। पति-पत्नी ग्रामीणों के दुख-दर्द में शरीक होते हैं और समस्याओं को लेकर मुखर होते रहे हैं। अंजू देवी के पति की सियासी पहुंच व पकड़ भी बेहद मजबूत मानी जाती है।

ऐसे में ग्राम पंचायत रसूलपुर मीठी बेरी की प्रधानी पद पर अंजू देवी की चुनावी ताल ने कईयों को टेंशन दे दी है। नारी शक्ति होने का लाभ अंजू देवी को मिलना तय है। इसके अलावा अंजू देवी का स्वयं का जनवादी व्यक्तित्व भी मजबूत हथियार है। कहा जा सकता है कि अंजू देवी चुनावी रेस में पूरी तैयारी के साथ आयी हैं। गांव में उनके नाम की हवा भी तेजी से बन रही है। अब देखना यह है कि अंजू देवी इस सियासी हवा को हथियार बनाकर सियासी मैदान मारने में सफल होती हैं या,,,,,,,,

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