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अन्नदाताओं ने मांगी मन्नत कि हे मेघों जरा जमकर बरसो| अनिल शर्मा की रिपोर्ट

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सिटी लाइव टुडे, अनिल शर्मा, लालढांग


इन दिनों धान की खेती की तैयारी हो रही है। इसके लिये पर्याप्त पानी भी चाहिये। पानी की कमी ना हो इसलिये रवासन नदी के तट पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ किया गया और दलिया का भोग लगाया गया। पंडित जगदीश प्रसाद अमोली ने विधि-विधान से हवन यज्ञ संपन्न कराया। रवासन नदी के तट पर वेद-ऋचाओं की दिव्य ध्वनियों ने माहौल भक्तिमय हो उठा।


लालढांग क्षेत्र में यह पूजन व दलिया का भोग लगाने की परंपरा बहुत पहले से चली आ रही है। हर साल किसान योग्य पंडित के जरिये इस परंपरा का निर्वहन करते हैं। मकसद यही रहता है कि भरपूर बारिश हो और रवासन नदी पर पर्याप्त पानी बना रहे जिससे धान की खेती की जा सके। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से बारिश जरूर होती है और धान की खेती भी अच्छी होती है।

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इसी परंपरा को निर्वहन करते हुये इस साल भी रविवार को रवासन नदी के तट पर हवन-यज्ञ और दलिया का भोग लगाया गया। इस अवसर पर विजेंदर गोयल वसीम अहमद, योगेंद्र निरंजन गुलाब सिंह मिथुन विनोद सिंह राजवीर प्रताप मनोज सिंह राकेश अमित आनंद अंकित राजकुमार आदि मौजूद रहे।

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