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जनपद पौड़ी| फ़िलहाल दो भारी तो दो बराबरी|साभार-वरिष्ठ पत्रकार अजय रावत

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सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउससाभार-वरिष्ठ पत्रकार अजय रावत

आख़िरकार देर रात जारी कांग्रेस की सूची में पौड़ी जनपद के 4 प्रत्याशी भी तय कर लिए गए। इन चारों का चयन होना तकरीबन पूर्व से ही तय था। जिले में अभी तक घोषित सूची में हरदा का पूरा होल्ड नज़र आया है।


पौड़ी में पूर्व प्रत्याशी नवल किशोर को मैदान में उतारे जाने से अब यह तय करना बहुत मुश्किल होगा कि पोरी और नवल में से किसे बीस माना जाए। इस सीट पर अब कांटे का मुकाबला तय है, हां इतना तय है कि नवल के मुकाबले बीते 5 साल पोरी का जनता से संवाद कई गुना अधिक रहा है। वहीं नवल की कश्ती के साथ सत्ता विरोधी हवाएं अनुकूल हैं, जिसका वह लाभ ले सकते हैं।

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कोटद्वार सीट अब भाजपा के दांव पर निर्भर है अन्यथा यह सीट आसानी से कांग्रेस के खाते में जाती हुई मानी जा सकती है। भाजपा यहां कुछ अप्रत्यशित करने के साथ सुरेंद्र की पत्नी के खिलाफ बतौर मेयर उपजी स्वाभाविक एन्टी इनकमबेंसी का लाभ उठाये तो ही मुकाबला रोचक हो सकता है।


श्रीनगर सीट पर निश्चित तौर पर गणेश गोदियाल के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उनकी स्थिति मजबूत हुई है, वहीं सत्ता विरोधी जनमत भी उनकी पोजीशन को मजबूत करता है। धनदा भले ही आखिरी समय में क्षेत्र में काफी सक्रिय नज़र आये लेकिन बावज़ूद इसके उन्हें काफी मेहनत की आवश्यकता है, वहीं हरक के कांग्रेस में आने के बाद गोदियाल को काफी फ़ायदा मिलना तय माना जा रहा है। मोहन काला का प्रदर्शन ही यहां धन सिंह के लिए किसी चमत्कारिक उम्मीद का सबब बन सकता है।

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यमकेश्वर सीट पर शैलेन्द्र रावत का प्रदर्शन 2017 के मुकाबले काफी बेहतर रहेगा, बीते 5 साल वह अनवरत क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं, सरल व सौम्य स्वभाव के शैलेन्द्र व अपना व्यक्तिगत जनाधार रखने वाली रेणु के बीच अब काफी रोचक मुकाबला होगा। रेणु को एन्टी इनकमबेंसी को साधना होगा तो शैलेन्द्र को महेंद्र की संभावित बगावत को। चौबट्टाखाल और लैंसडौन के प्रत्याशी चयन में अब हरदा की भूमिका ज्यादा मजबूत रहने के आसार कम हैं क्योंकि पौड़ी, यमकेश्वर और कोटद्वार निश्चित रुप से हरदा कैम्प के टिकट हैं ऐसे में अब इन दो सीटों पर अप्रत्यशित या यूं कहिये चौंकाने वाले नाम भी सामने हो सकते हैं।

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