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मॉ ने किडनी देकर बचायी बेटे की जान | विकास श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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डोईवाला। CITY LIVE TODAY. MEDIA HOUSE

हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में किडनी का सफल ट्रांसप्लांट किया गया। उत्तर प्रदेश निवासी सुखवीरी देवी के बेटे पवन की दोनों किडनियां खराब हो गयी थी। अपने कलेजे के टुकड़े को बचाने के लिए सुखवीरी देवी ने एक किडनी बेटे को दान कर दी। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मां और बेटा दोनों पूर्ण रूप से स्वस्थ है।

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हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में एक ऐसे मरीज का सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया जिसकी दोनों किडनी खराब होने की वजह से उसका दिल भी काफी कमजोर हो गया था। मरीज की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही थी। पवन कुमार 45 वर्ष हापुड़, (उत्तर प्रदेश) निवासी पिछले काफी लंबे समय से दोनों किडनी खराब होने के चलते डायलिसिस पर थे। किडनी की बीमारी की वजह से उसका दिल भी काफी कमजोर हो गया था। पवन की मां उन्हें किडनी देने के लिए तैयार थी। लेकिन दिल कमजोर होने के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा था। इसके लिए उन्होंने दिल्ली व मेरठ के अस्पतालों में भी दिखाया। लेकिन इसमें जोखिम को देखते हुये पवन को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मना करा दिया।

पवन इसके बाद ंिहमालयन अस्पताल आये और यहां पर नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. विकास चंदेल को दिखाया। उन्होंने पवन की दिक्कतें ट्रांसप्लांट टीम के समक्ष रखी। इसके बाद पवन की कुछ आवश्यक जांचें करायी गयी। जिसके बाद ट्रांसप्लांट टीम के सर्जन डॉ. किम जे मामेन, डॉ. राजीव सरपाल, डॉ. शिखर अग्रवाल, डॉ. कर्मवीर सिंह, फिजीशियन डॉ. शहबाज अहमद, डॉ. विकास चंदेल, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रघुवंशी, डॉ. प्राची काला, डॉ. ममता, डॉ. विनायक, ऐनेस्थेटिक डॉ. वीना अस्थाना, डॉ. गुरजीत खुराना, डॉ. पारुल जिंदल, डॉ. निधि कुमार, डॉ. दिव्या अग्रवाल, डॉ. हरीश कोश्यारी व कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कुनाल गुरूरानी की देखरेख में पवन का सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। पवन को किडनी उनकी 63 वर्षीय मां सुखवीरी देवी ने दी। इस सफल किडनी ट्रांसप्लांट के बाद दोनों पूर्ण रूप से स्वस्थ है। पवन व उसके परिवार ने अस्पताल के चिकित्सकों व स्टाफ का आभार प्रकट किया। दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। ट्रांसप्लांट को सफल बनाने में ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेटर जगदीप शर्मा का योगदान रहा।

ट्रांसप्लांट सेवा का होगा विस्तार

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कुलपति डॉ. विजय धस्माना व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.एल. जेठानी ने इस सफलता पर हिमालयन हॉस्पिटल की पूरी ट्रांसप्लांट टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए हिमालयन हॉस्पिटल उत्तराखंड में एकमात्र विश्व स्तरीय स्वीकृत संस्थान है। प्राइवेट हॉस्पिटलों के मुकाबले बहुत कम कीमत में हिमालयन हॉस्पिटल में किडनी के सफल ट्रांसप्लांट होते है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही हिमालयन अस्पताल में ट्रांसप्लांट सेवाओं में विस्तार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत लीवर ट्रांसप्लांट सहित ब्रैन डैड कैडेवर के किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट की अनुमति भी राज्य सरकार से ली जायेगी।

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