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कर्नल साहब (Rtd) ने बंजर भूमि पर “लहलहा ” दी हरियाली | द्वारीखाल से जयमल चंद्रा की रिपोर्ट

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सिटी लाइव टुडे, द्वारीखाल | जयमल चंद्रा


सेना में रहकर देश की सेवा करने वाले कर्नल साहब रिटायर्ड तो हुये लेकिन टायर्ड नहीं। रिटायरमेंट लेने के बाद गांव की बंजर भूमि में हरियाली उगाकर यह साबित कर दिया गांव की मिट्टी में बहुत कुछ है। मेहनत की जाये तो यहां सबकुछ हो सकता है और रोजगार भी मिल सकता है। बंजर भूमि पर फलदार पेड़ों के अलावा अन्य वृक्ष लगाकर ग्रामीणों के लिये प्रेरणा के स्रोत बने हैं।

कर्नल साहब Rajendra Prasad Barthwal(retd) ब्लाक के सैंज गांव के हैं। साल-2013 में वे सेवानिवृत्त हुये। गांव की बंजर भूमि देखी तो कर्नल साहब व्यधित हो उठे और फैसला किया कि बंजर भूमि को हरियाली में तब्दील करेंगे। फिर क्या था कर्नल साहब (Rtd) जुटे गये इस कार्य में।

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पहले फलदार आम के पेड़ लगाये फिर लीची के। अखरोट और अन्य वृक्ष लगाये और देखते ही देखते बंजर भूमि हरियाली से आच्छादित हो उठी। कर्नल साहब (Rtd) यहीं रूकने वाले नहीं थे बल्कि इसके बाद पंतनगर कृषि विवि से संपर्क किया और गांव की बंजर भूमि को खोदकर हल्दी उगा दी। खास बात यह है कि यह सब कार्य पूरी तरह वैज्ञानिक व आधुनिक तौर-तरीकों के आधार पर किया गया। प्रकृति प्रेम व अपनी माटी से अपनत्व व लगाव यहां भी नहीं थमा और सरकारी महकमे से पांच हजार शहतूत के पौध ले आये और आसपास के गांवों को इनका वितरण कर दिया। कर्नल साहब (Rtd) ने रेशम के पेड़ भी लगा रखे हैं।

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बराबर जाते हैं गांव
कर्नल Rajendra Prasad Barthwal(retd) कोटद्वार रहते हैं। वे कोटद्वार में डिफेंस करियर एकेडमी चलाते हैं। इसमें सेना में अफसर बनने के चाह रखने वाले युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में कर्नल साहब (Rtd) का अपने मूल गांव सैंज में रहना संभव नहीं है। सो, कर्नल साहब कोटद्वार में भी रहते हैं और बराबर गांव भी जाते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को मोटिवेट किया जा रहा है जिससे वे उन्नत खेती करने को आगे आयें।

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