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आफत की बारिश | गांव से लेकर खेत-खलिहान सब ” पानी-पानी ” | मुसीबत ही मुसीबत | मुकेश कुमार सूर्या की रिपोर्ट

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सिटी लाइव टुडे, श्यामपुर-लालढांग, मुकेेश कुमार सूर्या


उत्तराखंड में हो रही आफत की बारिश ने मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। शुक्रवार की रात को हुई भारी बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन कर आई! भारी बारिश के कारण क्षेत्र के नलोवाला, दूधिया दयालवाला ( टाटवाला ) पीली पड़ाव और गुज्जर बस्ती आदि क्षेत्रों में कई कई फीट पानी भरने और संपर्क मार्ग टूटकर अवरुद्ध हो जाने से जनजीवन बुरी तरह छिन्न-भिन्न हो कर बिखर गया है! इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रवासन नदी के किनारे पर बसे गांव नलोवाला में उफनती नदी का कहर इस प्रकार टूटा है कि उफान पर आई नदी का पानी तटबंध को काटकर गांव में घुस गया। नदी के कटाव के कारण ही गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी टूट गया है! तथा नदी का कटान गांव की ओर लगातार जारी है!

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वही ग्राम पंचायत पीली पड़ाव में नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण नदी का पानी अपनी सीमा को लाँघ कर किसानों की खेती को चैपट करता हुआ लोगों के घरों में घुसकर बर्बादी करने लगा है। जिसकी वजह से कुछ घरों की दीवारें भी गिर गई, और कुछ में दरारंे आ गई है जो किसी भी वक्त गिर सकती हैं! वहीं यदि एक नजर क्षेत्र की गुर्जर बस्ती की ओर डालें तो चारों ओर पानी का सैलाब ही सैलाब नजर आ रहा है!

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लोगों के घर और उनके भीतर रखा सभी सामान पूरी तरह पानी में डूब चुका है! पानी में डूबने की वजह से ना सड़कों का पता चल रहा है ना कृषि भूमि का ! बस चारों तरफ पानी और पानी के बीच में लोगों के घर और घरों के बाहर मदद की आस में पानी में खड़े लोग! इस भयावह मंजर को देखकर लोगों में दहशत का माहौल है! और हो भी तो क्यों नहीं? क्योंकि एक तरफ जहां गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है वहीं क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सिद्ध स्रोत, सिंबल स्रोत, मुंढाल स्रोत, पीलीनदी, रवासन और कोटावाली नदियों आए में पानी का रौद्र रूप देखकर लोगों को बाढ़ आने का खतरा भी सताने लगा है! स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उक्त परिस्थिति के संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराए जाने के बाद भी खबर लिखे जाने तक शासन प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था!

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