लालढांग में गुलदार का आतंक, वन विभाग ने लगाया पिंजरा|अनिल शर्मा की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
हरिद्वार / चमरियां: चमरियां गांव और आसपास के इलाकों में एक आक्रामक गुलदार का आतंक चरम पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। गुलदार न केवल मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है, बल्कि इंसानी बस्तियों की ओर भी जंगली जानवरों की धमक हो रही है जिससे किसी बड़े खतरे से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

सिलसिलेवार हो रहे हमले
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस खूंखार गुलदार ने आतंक की शुरुआत 23 अक्टूबर को रमेश डोबरियाल की गौशाला में घुसकर की थी। इसके ठीक अगले दिन, यानी 24 अक्टूबर को अर्जुन सिंह की गौशाला में भी गुलदार ने धावा बोलकर दो बछियों को घायल कर दिया था। इन लगातार घटनाओं से पूरे गांव में खलबली मची हुई है।
बाल-बाल बची सिंह परिवार की जान
ताजा मामला कल रात्रि करीब 2:30 बजे का है, जब यह गुलदार एक बार फिर सिंह की गौशाला में जा घुसा। गौशाला में बछिया के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के लोग नींद से जाग गए और तुरंत बाहर निकल आए।
ग्रामीणों ने बताया कि जब परिवार के सदस्यों ने शोर मचाया, तो गुलदार डरने के बजाय उल्टे उनकी तरफ ही झपका और हमला करने के लिए दौड़ा। गनीमत यह रही कि समय रहते परिवार के लोग दौड़कर वापस घर के अंदर घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई।
वन विभाग ने लगाया पिंजरा
लगातार हो रहे हमलों और ग्रामीणों की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए, वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद विभाग हरकत में आया और आज मौके पर गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा स्थापित कर दिया गया है।

घटना के बाद से गांव में भय का माहौल है और लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इस आक्रामक गुलदार को जल्द से जल्द पिंजरे में कैद किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
