Laldhang News…रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग तेज: दसवें दिन भी जारी, मशाल जुलूस |गीता जोशी की Report

सिटी लाइव टुडे, गीता जोशी, लालढांग
लालढांग: रसूलपुर में रवासन नदी पर झूला पुल के निर्माण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। सोमवार शाम को आंदोलनकारियों ने आक्रोशपूर्ण तरीके से मशाल जुलूस निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। क्षेत्रवासियों की यह मांग है कि आर्यानगर, मंगोलपुरा और रसूलपुर को लालढांग से जोड़ने वाले मार्ग पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण किया जाए।

दसवें दिन भी जारी रहा धरना
जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल के नेतृत्व में रसूलपुर में दिया जा रहा धरना मंगलवार को दसवें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। धरने में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंच रहे हैं।
बरसात में जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों का दर्द है कि उन्हें हर साल बरसात के दिनों में रवासन नदी का भयंकर दंश झेलना पड़ता है। पुल न होने के कारण ग्रामीणों को कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती नदी को पार करना पड़ता है, और अतीत में कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं।
गांधी चौक से मीठीबेरी तिराहे तक निकला मशाल जुलूस
धरनास्थल के बाद सभी आंदोलनकारी लालढांग गांधी चौक पर एकत्रित हुए और वहां से विरोधस्वरूप मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस गांधी चौक से शुरू होकर मुख्य बाजार से होते हुए मीठीबेरी तिराहे पर जाकर संपन्न हुआ।
प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन उनकी इस जायज मांग की अनदेखी कर रहा है। यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र ही सुध नहीं ली, तो उन्हें मजबूरन आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
जुलूस में प्रमुख रूप से मौजूद रहे:

बृजमोहन पोखरियाल, कमलेश द्विवेदी, विनोद जोशी, सुरेंद्र रावत, पंकज चमोली, महेंद्र, नीरज, दीपक जखमोला, संदीप सैनी, सुलोचना देवी, मुन्नी देवी, करुणा देवी, महेश्वरी देवी, लता देवी, कमला देवी सहित सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित रहे।
