कब जागेगा प्रशासन ? रवासन नदी पर पुल न होने से नाराज ग्रामीणों ने खोला मोर्चा |गीता जोशी की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
रवासन नदी पर लंबे समय से पुल बनाए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया है। भाजपा जिला पंचायत सदस्य बृज मोहन पोखरियाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

क्या है पूरा मामला? ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पुल न होने के कारण रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। हाल ही में नदी पार करते समय 14 वर्षीय छात्र आर्यन भट्ट की हुई दर्दनाक मौत के बाद से इलाके के लोगों में प्रशासन और शासन के खिलाफ भारी गुस्सा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वे लंबे समय से यहां पुल बनाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ। हादसे के बाद से ही ग्रामीणों ने इस गंभीर मुद्दे पर उग्र आंदोलन का निर्णय लिया था।
राजनीतिक सरगर्मी और विरोध प्रदर्शन इस संवेदनशील मामले पर राजनीति भी गरमाई हुई है। इससे पहले स्थानीय कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने भी खुद रवासन नदी के बीच खड़े होकर धरना-प्रदर्शन किया था। अब भाजपा जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में चल रहे इस धरने ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक जारी रहेगा संघर्ष धरने की अगुवाई कर रहे जिला पंचायत सदस्य बृज मोहन पोखरियाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि रवासन नदी पर पुल की मांग केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है। एक मासूम छात्र की मौत ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शासन-प्रशासन पुल निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक ग्रामीणों का यह धरना और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
