Pauri News…बुटली गाँव में माँ बाल कुंवारी के महायज्ञ और भंडारे का भव्य समापन, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब|जगमोहन डांगी की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस, जगमोहन डांगी, पौड़ी
कल्जीखाल (पौड़ी): विकासखंड कल्जीखाल के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुटली में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुक्रवार को भव्य भंडारे के साथ संपन्न हो गया। माँ बाल कुंवारी मंदिर समिति द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस त्रिवार्षिक सामूहिक अनुष्ठान ने क्षेत्र में एक अद्भुत आध्यात्मिक और सामाजिक एकता का संगम प्रस्तुत किया।

प्रवासी और रैवासियों का हुआ अद्भुत मिलन अनुष्ठान का अंतिम दिन बुटली गाँव के लिए बेहद खास रहा। इस अवसर पर गाँव के प्रवासी, स्थायी निवासी, विवाहित बेटियाँ (ध्याणियाँ), युवा, सेवानिवृत्त बुजुर्ग और स्थानीय जनप्रतिनिधि सभी माँ बाल कुंवारी के दरबार में एक साथ जुटे। वर्षों बाद इतनी बड़ी संख्या में ग्रामवासियों और प्रवासियों की उपस्थिति ने भक्ति के साथ-साथ गाँव की एकता की एक सुखद तस्वीर पेश की। ग्रामीणों का मानना है कि इस आयोजन से गाँव में धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ विकास की गति को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

जनप्रतिनिधियों का हुआ सम्मान कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य (गढ़कोट) सविता देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य कविता देवी ने विशेष रूप से शिरकत की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बुटली की प्रधान श्रीमती रेनू कपटियाल, पंचाली के प्रधान अशोक रावत, सामाजिक कार्यकर्ता जसवीर रावत और युवा गायिका कुमारी आराधना रावत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विकास कार्यों में योगदान के लिए जिला पंचायत सदस्य सविता देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य कविता देवी को ग्रामवासियों ने सम्मानित किया। उन्होंने अपनी निधि से पंचायत भवन में इंटरलॉकिंग टाइल्स और सीसी सड़क निर्माण के लिए सहयोग प्रदान किया है। इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों ने उन्हें माँ बाल कुंवारी का पटका पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया।
इनकी रही सक्रिय भागीदारी धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में मंदिर समिति के साथ-साथ युवक मंगल दल के अध्यक्ष गौतम रावत, प्रदीप गुसाई, प्रमोद चौहान, महेंद्र गुसाई, राकेश रावत, सुल्तान सिंह और कुल पुरोहित सुनील कपटियाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का कुशल संचालन सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी द्वारा किया गया।

तीन दिनों तक चले इस अनुष्ठान से पूरा क्षेत्र माँ बाल कुंवारी के जयकारों से गूंज उठा और समापन पर आयोजित विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।
