Uttarakhand News…सरकार की मंशा पर किसने उठाये ये सवाल| Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जमकर बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे महिलाओं के साथ एक बड़ा ’धोखा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार केवल अपनी खिसकती हुई राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए इस कानून का सहारा ले रही है, जबकि हकीकत में महिलाओं को उनके अधिकार देने की मंशा नजर नहीं आती।

यशपाल आर्य ने देरी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पूछा कि जब यह कानून वर्ष 2023 में ही पारित हो चुका था, तो इसे लागू करने के लिए 2034 तक का लंबा इंतजार क्यों कराया जा रहा है। उन्होंने जनगणना और परिसीमन की शर्तों को इस अधिकार में बाधक बताते हुए सवाल किया कि सरकार आखिर आठ साल का अतिरिक्त समय क्यों मांग रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ’सपने दिखाने और सपने गढ़ने’ में तो माहिर है, लेकिन धरातल पर आधी आबादी के हाथ केवल इंतजार ही आया है। सदन में विपक्षी दल की ओर से पुरजोर मांग की गई कि इस कानून को किसी भी देरी के बिना तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
यशपाल आर्य ने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड के अगले विधानसभा चुनाव में ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए और इसे वर्तमान लोकसभा सीटों पर ही प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते जुए हुए कहा कि जब सरकार इस कानून को वर्तमान में लागू करने की स्थिति में ही नहीं है, तो इस विशेष सत्र को बुलाने का कोई ठोस औचित्य नहीं था। आर्य के अनुसार, यह सत्र केवल केंद्र की तारीफ में ’कसीदे’ पढ़ने के लिए एक आयोजन मात्र बनकर रह गया है।
