Dehradun: श्रमिकों को DBT से दी ₹12.89 करोड़ की सहायता |Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन व अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से ₹12 करोड़ 89 लाख 85 हजार की धनराशि हस्तांतरित की। साथ ही प्रदेश के 191 सीएससी में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का शुभारंभ भी किया। जहां श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी, पंजीकरण, नवीनीकरण व अन्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। श्रमिकों और उनके आश्रितों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा रहा है। बताया कि आजीविका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए श्रमिकों को कौशल विकास से भी जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव हैं। बुनियादी ढांचे के निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है। राज्य सरकार का यह दायित्व है कि प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले श्रमिकों और उनके परिजनों का भविष्य सुरक्षित हो।
उन्होंने कहा कि 191 कॉमन सर्विस सेंटरों में शुरू की गई विशेष व्यवस्था से अब श्रमिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ब्लॉक, तहसील और गांव स्तर पर ही सीएससी के माध्यम से पंजीकरण, नवीनीकरण और योजनाओं से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
सीएम ने बताया कि कर्मकार बोर्ड द्वारा विगत छह माह में अब तक ₹51 करोड़ की धनराशि श्रमिकों और उनके परिजनों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे पूर्व विकासखंड स्तर पर पंजीकरण, नवीनीकरण और लाभ आवेदन की व्यवस्था भी शुरू की जा चुकी है।

श्रम आयुक्त पीसी दुम्का ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बोर्ड निरंतर श्रमिकों के हित में कार्य कर रहा है। भविष्य में भी मुख्यमंत्री के विजन सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के अनुरूप कार्य किए जाएंगे। मौके पर अध्यक्ष राज्य संविदा श्रम सलाहकार बोर्ड कैलाश पंत, उप श्रमायुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रमायुक्त धर्मराज, आईटी एक्सपर्ट दुर्गा चमोली आदि मौजूद रहे।
