आजादी में भी आदर्श संस्कृत ग्राम डिम्मर का रहा महत्वपूर्ण योगदान| डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
सिमली (कर्णप्रयाग )। भारत की आजादी में भी महत्वपूर्ण योगदान देने वाले चमोली जनपद के डिम्बर गांव को आदर्श संस्कृत ग्राम बनाना संस्कृत का ही नहीं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भी सम्मान है, क्योंकि इस गांव का भारत की आजादी के आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उपरोक्त विचार शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा के सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने व्यक्त किए वह स्वतंत्रता दिवस पर आदर्श संस्कृत ग्राम डिम्मर के सार्वजनिक एवं ऐतिहासिक स्थल चौरी में मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण कर रहे थे, उन्होंने कहा कि इस गांव ने स्वर्गीय योगेश्वर प्रसाद खंडूरी, और के रूप में दो स्वतंत्रता सेनानी जिनमें स्वर्गीय योगेश्वर प्रसाद खंडूरी, स्वर्गीय भवानी प्रसाद डिमरी भारत की आजादी के आंदोलन में भेंट कर आजादी के आंदोलन को मजबूती प्रदान की थी, और यहां के लोगों ने इसका सम्मान करते हुए बाद में स्वतंत्र भारत में स्वर्गीय योगेश्वर प्रसाद खंडूरी को तत्कालीन समय पर कर्णप्रयाग विधानसभा सीट से दो बार विधायक भी चुना।
डॉ घिल्डियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार में शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा के कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बहुत बड़ी इच्छा शक्ति का परिचय देते हुए चमोली जनपद के इस ऐतिहासिक एवं विद्वानों एवं आजादी के रणबांकुरों के गांव को आदर्श संस्कृत ग्राम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर उत्तराखंड के सैनिकों के प्रति बहुत बड़ी श्रद्धांजलि भी अर्पित की है ,
उन्होंने यह भी कहा कि इस गांव के लोगों ने स्वतंत्रता से पूर्व ही वर्ष 1910 में श्री बद्रीश संस्कृत विद्यापीठ की स्थापना कर अनेकों शास्त्री और आचार्य तैयार किए जिन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और आज यही विद्यापीठ श्री बद्रीश संस्कृत महाविद्यालय का स्वरूप ले चुका है, जिसे पूरे चमोली जनपद में आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के रूप में विकसित करने का भी सरकार ने संकल्प लिया है, उन्होंने कहा कि इस गांव में संस्कृत प्रशिक्षक की नियुक्ति कर दी गई है ,और शीघ्र ही संस्कृत के प्राथमिक विद्यालय हेतु भूमि मिलने पर विद्यालय प्रारंभ कर दिया जाएगा तथा भविष्य में संस्कृत भवन का भी यहां पर सरकार निर्माण कराएगी।
नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान विनीता डिमरी ने मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल का फूल मालाओं एवं अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत करते हुए कहा कि इस गांव को आदर्श संस्कृत ग्राम बनाने का प्रयास वर्ष 2008 से चल रहा था परंतु 2022 में सहायक निदेशक का पदभार ग्रहण करते ही डॉक्टर घिल्डियाल ने गांव की इस वर्षों पुरानी मुहिम को अमलीजामा पहनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की इसलिए यह गांव वासी हमेशा उनके आभारी रहेंगे, अन्य जन प्रतिनिधियों ने भी मिलकर गांव को आदर्श संस्कृत ग्राम के रूप में विश्व पटल पर लाने का संकल्प लिया।
इससे पूर्व गांव की सीमा में पहुंचते ही ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य के नेतृत्व में अद्भुत उत्साह के साथ ढोल नगाड़ों एवं पुष्प मालाओं से सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल का अभूतपूर्व स्वागत किया, उन्हें भारत माता की जय, जयतु संस्कृतम्, जयतु भारतम के गगनभेदी नारों के साथ ऐतिहासिक चौरी स्थल में लाकर ध्वजारोहण कराया गया, जहां पर उन्होंने राष्ट्रगान की धुन के साथ ध्वजारोहण करते हुए परेड की सलामी ली आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों एवं कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

संस्कृत प्रशिक्षक दुर्गेश सती के संचालन में चले कार्यक्रम में मौके पर ग्राम प्रधान विनीता डिमरी, पूर्व प्रधान राखी डिमरी, डिमरी पंचायत के पूर्व अध्यक्ष विजय राम डिमरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, बद्रीश कीर्ति संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर मातारम पुरोहित, संस्कृत ग्राम के संयोजक आचार्य सत्य प्रसाद खंडूरी, गोपी डिमरी, रमेश पोखरियाल, इंद्र लाल आर्य, दीपा डिमरी, कैलाश देवली, सहित सैकड़ो नागरिक उपस्थित रहे।
