Kanwar 2023..फिर आया कांवड़ लेकिन पिछले कांवड़ मेला का भत्ता अभी नहीं मिला|DM & CMO को सौंपा पत्र| Click कर पढ़िये पूरी खबर

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सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस


कांवड़ मेला फिर आ गया है। लेकिन कई ऐसे कर्मचारी भी हैं जिन्हें पिछले कांवड़ मेला का भत्ता अभी तक नहीं मिला है। ऐसे में गुस्सा जायज ही है। कई बार मांग करने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है। अब फिर इस मांग को लेकर डीएम व सीएमओ को पत्र लिखा गया है।


चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड ने जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार को पत्र लिखकर मांग की कि कावड़ मेला अधिसूचित हो चुका है पूर्व में भी संघ द्वारा मांग की गई थी कि जनपद हरिद्वार के समस्त कर्मचारियों को कावड़ मेला भत्ता दिया जाना चाहिए एवं कोविड के दौरान कार्य करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों एवं उपनल, पी आर डी, ठेका के सफाई कर्मचारियों को कोविड प्रोहत्साहन भत्ता दिया जाना न्यायोचित होगा ।


प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा प्रदेश ऑडिटर महेश कुमार, प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र तेश्वर, जिला मंत्री राकेश भँवर कार्यवाहक जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार उपशाखा अध्यक्ष ऋषिकुल छत्रपाल सिंह गुरुकुल उपशाखा के मंत्री आशुतोष गैरोला ने कहा कि कर्मचारियों की मांग पूर्व से ही है कि इलाहाबाद की तर्ज पर माघ मेले भत्ते की तरह कर्मचारियों को एक माह का कांवड़ मेला भत्ता उनके वेतन में दिया जाए क्योंकि कावड़ मेले के दौरान देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करोड़ो पार कर जाती है जिससे महंगाई कई गुना बढ़ जाती है और सभी विभागों के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की एक बड़ी भूमिका कावड़ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को लेकर होती है चूंकि कुम्भ मेला भत्ता भी महगाई बढ़ने के प्रतिकार स्वरूप कर्मचारियों को दिया जाता है इसलिये कावड़ भत्ता दिया जाना भी न्यायोचित होगा

यहाँ यह भी अवगत कराना है कि कर्मचारियों से कांवड़ मेले में डयूटी तो ली जाती है किंतु जब कावड़ डयूटी के टी0ए0डी0ए0 की मांग पर उनको टी ए, डी ए भी नहीं दिया जाता है जिसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार को पत्र लिखा गया किन्तु उनके द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया।

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प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा,प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र तेश्वर ने कहा कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी एवं महानिदेशक महोदया,मुख्य चिकित्सा अधिकारी ,को पत्रों द्वारा अवगत कराने के बाद भी आज तक कोविड के दौरान आयुर्वेद एवं एलोपैथ के कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कोविड के रोगियों की सेवा की और प्रोहत्साहन भत्ता मिला चिकित्सा अधिकारियों को और एन एच कर्मियों को किन्तु चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, ठेका सफाई कर्मियों, उपनल, आउटसोर्स कर्मियों को जिनके द्वारा वार्ड के अंदर जाकर सफाई व्यवस्था एवं रोगियों की सेवा की उनको आज तक प्रोहत्साहन भत्ता नही दिया गया जबकि माननीय मुख्यमंत्री जी के स्प्ष्ट आदेश है कि कर्मियों को प्रोहत्साहन भत्ता दिया जाए किन्तु आज तक प्रोहत्साहन भत्ता भी नही दिया गया है जो कि कर्मचारियों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया गया है जो कि किसी भी तरह से न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है ।अगर जल्द न्याय नहीं किया गया तो कर्मचारी कोविड प्रोहत्साहन भत्ता और कांवड़ मेला भत्ता को लेकर सड़को पर उतरेंगे जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व शासन/प्रशासन का होगा।

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