नमस्कार द्वारीखाल @ इन गांवों के ग्रामीण बहा रहे हैं पसीना| जयमल चंद्रा की Report

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सिटी लाइव टुडे, जयमल चंद्रा, द्वारीखाल


धरा को हरा भरने के संकल्प को पूरा करने की खातिर द्वारीखाल ब्लाक के कई गांवों में इन दिनों ग्रामीण पसीना बहा रहे हैं। औषधीय व फलदार वृक्षों को गांवों में लगाने के इरादे से ग्रामीण गड्ढे खोदने में जमकर पसीना बहा रहे हैं। प्रकृति प्रेमी व समाज सेवी जयमल चंद्रा की यह पहल अब आकार व विस्तार लेती जा रही है। बमोली गांव के साथ ही आसपास के अन्य गांवों में ऐसा करने पर कार्य शुरू हो गया है।


दरअसल, द हंस फाउडेशन द्वारा संचालित वन अग्नि शमन व रोकथाम परियोजना के तहत यह कार्य प्रगति पर चल रहा है। बात ज्यादा पुरानी नहीं है। पांच जून पर्यावरण दिवस पर आयोति एक कार्यक्रम में वनों के विकास पर जोर दिया गया है। यहीं बमोली गांव के सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने गांव में 2000 औषधीय व फलदार वृक्ष लगाने का प्रस्ताव रखा और द हंस फाउंडेशन से सहयोग मांगा। जिस पर द हंस फाउंडेशन गदगद हो गया और फिर क्या था। शुरू हो गया हरियाली लाओ अभियान। शुरूआत बमोल गांव से ही हुयी। तो अन्य गांवों ने भी ऐसा ही करने का मन बनाया।


बमोली मे 2000 गड्ढों से शुरू हुए कार्य का विस्तार, परसुली, पबेख नेल, जुयालगाव, खेड़ा व दिखेत मे भी आरम्भ हो चुका है। कुल मिलाकर इन सभी गावों मे 7500 पौधों को लगाने का लक्ष्य है। हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित परियोजना वन अग्निशमन एवं रोकथाम परियोजना के तहत मोटिंवेटर श्रीमती अंजू रावत के दिशानिर्देशन में द्वारीखाल ब्लांक के पवेख, नेल, जुयालगाँव, खेडा़, दिखेत, गाँवों में पौधा रोपण के लिये चयनित भूमि में वनसरपंचों,एंव फायर फाईटरों के सहयोग से गड्ढे खुदान का कार्य चल रहा है। ग्रामीणों के द्वारा इस कार्यक्रम में भरपूर सहयोग दिया जा रहा है।

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उन्होंने हंस फाउंन्डेशन का धन्यवाद व्यक्त किया। उक्त गाँवों के वन सरपंच अनिल कुमार, विशंम्बर दत्त, उम्मेद सिंह, यशपाल,श्री गिरीश चंद्र जी द्वारा सहयोग दिया जा रहा है।

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