तो यमकेश्वर में ” लंपी वायरस ” की दस्तक| ग्रामीण टेंशन में| जयमल चंद्रा की रिपोर्ट

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सिटी लाइव टुडे, जयमल चंद्रा


जनपद पौड़ी के यमकेश्वर क्षेत्र में पशुपालकों की टेंशन बढ़ गयी है। क्षेत्र में गौ-वंश के बीमार होने से ग्रामीण खासे परेशान हैंे। ग्रामीण इस बीमार को लंपी वायरस का संक्रमण मान रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि यमकेश्वर क्षेत्र के डांडामंडल एवं तालघाटी क्षेत्र में गौ-वंश लंपी वायरस से संक्रमित हो रहे हैं। खबर यह भी है कि ताल घाटी में एवं डांडामण्डल में दो मवेशियों की मौत हो गयी है।


ग्रामीणों का कहना हे कि इन दिनों उक्त क्षेत्रों में गौ-वंश की सेहत खराब हो रही है। बीमार से गौ-वंश ग्रसित हो रहा है।
ग्रामीण इसे लंपी वायरस का संक्रमण बता रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बुखार होने के साथ ही गौ-वंश के पूरे शरीर में शरीर पर दाने हो रहे हैं, और वह खाना पीना छोड़ रहे हैं। यह रोग अब मवेशियों में तेजी से फैलता जा रहा है। बताया जा रहा है कि बरसात के मौसम के चलते मच्छरों, मक्खियों जू एवं ततैया के कारण फैलता है।

लंपी स्किन वायरस क्या है – Lumpy Skin Disease in Cattle

’लंपी स्किन डिजीज’(Lumpy Skin Disease) रोग ‘मंकी पोक्स’ की तरह है। यह रोग मवेशियों में फैलता है। यह बहुत ही संक्रमित रोग है जो एक संक्रमित पशु से दूसरे स्वस्थ पशु तक फैलता है। यह ‘पोक्सविरिडे परिवार’((Poxviridae)) के एक वायरस के कारण होता है, जिसे ’नीथलिंग वायरस’ भी कहा जाता है। यह वायरस मच्छरों, मक्खियों, जूं एवं ततैयों के कारण फैलता है। इसको ’’गांठदार त्वचा रोग वायरस’(LSDV) के नाम से भी जाना जाता है।

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यह बीमारी दूषित भोजन एवं अशुद्ध पानी के कारण मवेशियों में फैलता है। इस रोग के कारण पशुओं की त्वचा पर गांठे पङ जाती है और उनको तेज बुखार हो जाता है। पशु दूध कम देने लगता है तथा उनको चारा खाने में भी दिक्कत होती है। इस रोग के संक्रमण से पशुओं की मौत भी हो जाती है।

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