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टूटने लगा है ” सब्र का बांध “| अब आंदोलन ही आखरी रास्ता| पढ़िये पूरी खबर

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सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस


बार-बार मिल रही आश्वासनों की मीठी गोली से चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवायें में भारी आक्रोश है। संघ का साफतौर पर कहना है कि अब सब्र का बांध टूट चुका है और आंदोलन ही आखिरी रास्ता रह गया है।


संघ की ओर से कर्मचारियों की मांगों के निस्तारण के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य को पत्र देकर अवगत कराया कि कितने पत्रों के बाद भी आज तक पदोन्नति और प्रोहत्साहन भत्ता, एवं जिन कर्मचारियों की नियुक्ति की विज्ञप्ति 01 अक्टूबर2005 से पहले निकली है उनकी पेंशन को लेकर शासन द्वारा मांगी गई सूचना को न दिए जाने से कर्मचारी आक्रोशित है जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है।

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प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा महामन्त्री सुनील अधिकारी, उपाध्यक्ष नेलसन अरोड़ा, गुरु प्रसाद गोदियालसंगठन सचिव दिनेश गुसाईं जिला सचिव त्रिभुवन पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री और शासन के आदेशों के बावजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को पदोन्नति न दिया जाना, कोविड महामारी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों एवं संविदा कर्मचारियों, ठेका के सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना कार्य किया किन्तु प्रोहत्साहन भत्ता दिया गया चिकित्सा अधिकारियों को जो कि महानिदेशालय द्वारा अन्यायपूर्ण रवैया दर्शाता है जिले के अधिकारियों द्वारा भी अपनो अपनो को बांटने की नीति से कर्मचारी दुखी है जिन कर्मचारियों ने वार्ड के अंदर जाकर कोविड रोगियों की सेवा की उनको प्रोहत्साहन भत्ता न मिलना सोचनीय प्रश्न है। मुख्यमंत्री से मिलकर इन बिंदुओं पर वार्ता की जाएगी संघ द्वारा पत्र देकर समय दिए जाने की मांग की है।

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प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेन्द्र तेश्वर प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण सिंह संगठन सचिव विपिन नेगी छत्रपाल सिंह जिला सचिव राकेश भँवर ने कहा कि पुरानी पेंसन से आच्छादित 01 अक्टूबर 2005 से पूर्व निकाली गई विज्ञप्ति वालों कर्मचारियों की सूची शासन द्वारा माह जून2022 में तीन दिन के भीतर मांगी थी किन्तु आज तक उनकी सूचना नही भेजे जाने के कारण जिन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की आस बंधी थी उसमें भी बाधा आ रही है इसलिये शासन को कर्मचारियों की सूची तत्काल भेजी जाए अगर जल्द ही मांगो का निस्तारण न होने की दशा में आंदोलन किया गया तो उसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व महानिदेशालय का होगा।

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