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गले में नर मुंडों की माला और शरीर पर राख | जानिये अघोरियों की दुनिया के रहस्य | द्वारीखाल से जयमल चंद्रा की रिपोर्ट

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CITY LIVE TODAY. जयमल चंद्रा, द्वारीखाल

अघोरियों की दुनिया एकदम रहस्यमी होती है। अघोरियों का हर कार्य असामान्य ही है। दुनिया से एकदम अलग होते हैं अघोरी। अघोरी अपने आप को दुनिया का हिस्सा ही नहीं मानते हैं। आम इंसान जिन चीजों दूर रहता है अघोरी इन्हीं चीजों को अपनाते हैं। कहते हैं कि अघोरियों का अपने-पिराये से कोई मतलब नहीं होता है। इन्हें मौत का डर नहीं होता है।  गंध-दुर्गंध, सुगंध से कोई मतलब नहीं  है।

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देखा जाये तो अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया के रहस्यों को बता पाना आसान नहीं है। वजह, अघोरियों से मिलना ही दुर्लभ है। ये किसी को मिलते ही नहीं हैं। जिन जगहों पर जाने से इंसान बचता और डरता है वही जगह अघोरियों के लिये सबसे मुफीद होती है। जैसे श्मशान और श्मशान की राख। अघोरियों की साधना बेहद कठिन व दुर्लभ होती है। अघोरी शिव की उपासना करते हैं और इनकीं साधना के मुख्यरूप से तीन प्रकार होते हैं। शव साधना, शिव साधना और श्मशान साधना।

शव साधना 

ऐसी कहा जाता है कि जब अघोरी शवों के उपर पूजा करते  हैं तो कई बार शव बोल पडते हैं इससे काली शक्तियों मिलती हैं। अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया में इसका बडा महत्व माना जाता है। हालांकि इसके कोई प्रमाण भी नहीं हैं।

शिव साधना

शिव साधना में अघोरी शव के उपर खड़े होकर साधना करते हैं। अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया में इसे शिव साधना कहा जाता है। इसके भी प्रमाण नहीं हैं।

श्मशान  साधना 

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दूसरे लोगों को भी शामिल करते हें। भूत-प्रेत से छुटकारा पाने के लिये भी शमशान साधना करते हे  लेकिन इसके भी कोई प्रमाण नहीं मिलते हैं।

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