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चिकित्सा संबंधी विश्व स्तरीय पुस्तक का एम्स के फैकल्टी ने किया संपादन | नेहा सक्सेना की रिपोर्ट

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सिटी लाइव टुडे, नेहा सक्सेना


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान,एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रोफेसर अरविन्द राजवंशी ने ’स्नेल’ के क्लिनिकल न्यूरोएनाटॉमी के पहले दक्षिण एशियाई संस्करण की पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एम्स ऋषिकेश के लिए गर्व की बात है कि विश्व स्तर पर पढ़ी जाने वाली पुस्तक का संपादन एम्स ऋषिकेश की फैकल्टी द्वारा किया गया है।

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संस्थान में आयोजित एक सादे कार्यक्रम के दौरान एनाटॉमी विभाग की फैकल्टी एडिशल प्रोफेसर डॉ. कुमार सतीश रवि द्वारा लिखी गई पुस्तक ’स्नेल क्लीनिकल न्यूरोएनाटॉमी’ का संस्थान के निदेशक प्रोफेसर राजवंशी द्वारा विमोचन किया गया। विश्व स्तर पर पढ़ी जाने वाली इस पुस्तक लिए उन्होंने लेखक डॉ. कुमार सतीश रवि जी के प्रयासों के लिए उन्हें बधाई दी। निदेशक एम्स प्रो. राजवंशी ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की, कि डॉ. रवि नेशनल जर्नल ऑफ क्लिनिकल एनाटॉमी के प्रधान संपादक के रूप में भी कार्य करते हैं।

विमोचन कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर राजवंशी ने कहा कि यह पहला दक्षिण एशियाई संस्करण न केवल मेडिकल छात्रों को बल्कि शरीर रचनाविदों, न्यूरोएनाटोमिस्ट, न्यूरोसाइंटिस्ट, न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में कार्य कर रहे समर्पित शिक्षाविदों के लिए भी विशेष लाभकारी साबित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से संबंधित सभी छात्र और विशेषज्ञ भी इस पुस्तक के अध्ययन से लाभ ले सकेंगे।

इस अवसर पर एनाटॉमी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और पुस्तक के लेखक डॉ. कुमार सतीश रवि ने बताया कि पुस्तक का यह संस्करण भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा निर्धारित योग्यता आधारित चिकित्सा पाठ्यक्रम के अनुसार अपने संपूर्ण संशोधन द्वारा मूलरूप से लिखे गए अध्यायों के सार को बनाए रखता है।

उन्होंने बताया कि देश के प्रख्यात न्यूरो सर्जन प्रोफेसर राजकुमार, एचओडी न्यूरोसर्जरी विभाग संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, यूपीयूएमएस सैफई लखनऊ के पूर्व कुलपति और एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक द्वारा पुस्तक की सराहना की गई है। कार्यक्रम के दौरान एचओडी न्यूरोलॉजी विभाग तंत्रिका विज्ञान केन्द्र नई दिल्ली की प्रोफेसर एम.वी. पद्मा श्रीवास्तव ने भी इस पुस्तक को बहुलाभकारी संकलन बताया। डॉ. पद्मा ने कहा कि सक्रिय प्रकाशक और प्रसिद्ध शोधकर्ता डॉ. रवि ने न्यूरोएनाटॉमी की समझ में हाल की सभी प्रगतियों को ध्यान में रखते हुए अपने पिछले संस्करण को बड़ी मेहनत से संशोधित किया है।

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इस अवसर पर न्यूरोलॉजी के सहायक प्रोफेसर डॉ. मृत्युंजय ने न्यूरोएनाटॉमी के बाइबिल के संपादन पर डॉ. रवि को बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान प्रो. शैलेन्द्र हांडू, प्रो. सत्यश्री, डा. मनु मल्होत्रा, डॉ. सुनीता, डॉ. प्रशांत दुर्गापाल, डॉ. बिश्वजीत, डॉ. भारत भूषण आदि मौजूद थे।

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