द्वारीखाल | गुलदार नरभक्षी घोषित,|शिकारी दल तैनात| जयमल चंद्रा की रिपोर्ट

सिटी लाइव टुडे, द्वारीखाल, जयमल चंद्रा
द्वारीखाल में दहशत का पर्याय बने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर दिया गया है। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में शिकारी दल भी तैनात कर दिया है। द्वारीखाल जनपद पौड़ी गढ़वाल के लैंसडाउन वन प्रभाग क्षेत्रांतर्गत आता है।
द्वारीखाल क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता से ग्रामीण डरे-सहमे हुये हैं। यहां लगातार गुलदार चहल-कदमी कर रहा है। बीते सप्ताह के दौरान गुलदार ने एक युवक को हमला कर मार डाला और एक युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बुधवार को गुलदार ने मवेशियों के झुंड पर हमलाकर एक गाय को भी मार दिया था।

लैंसडौन रेंज के सिलोगी बीट के अंतर्गत ग्राम कांडी में गत मंगलवार को सुबह करीब 4 बजे गुलदार टेंट के अंदर घुसकर वहां सो रहे वीर बहादुर पर अचानक हमला कर दिया था। गुलदार ने उसको टेंट से बाहर खींचने का प्रयास करने लगा लेकिन वहां पर अन्य श्रमिकों ने शोर मचा दिया था, जिससे वीर बहादुर बाघ के पंजे से बच गया, लेकिन वह संघर्ष में बुरी तरह घायल हो गया। जिसके बाद गुलदार टेंट से बाहर निकल कर जंगल की ओर भाग गया।


इससे पहले एक जुलाई को द्वारीखाल ब्लॉक ग्राम पंचायत किनसुर के बागी गांव निवासी पृथ्वी चंद्र पुत्र यशवंत सिंह बकरियां और मवेशियों को चुगाने के लिए जंगल गया था। इसी दौरान जंगल में गुलदार ने हमला करके उसे मार दिया। जिसके बाद से क्षेत्रीय लोगों द्वारा गुलदार को नरभक्षी घोषित करके शूटर तैनात किए जाने की मांग की जा रही थी। आतंक का पर्याय बन चुके गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उससे निपटने की अनुमति दे दी गई। पहले उसे ट्रैंकुलाइज कर कैद करने की कोशिश करेंगे। परन्तु पकड़े न जाने की दशा में मारने के आदेश मिल गये हैं। लोगों की सुरक्षा के चलते क्षेत्र में शिकारी दल तैनात कर दिया गया है।
