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अभी ता-ता थैंय्या करेगा कोरोना वायरस | -कोरोना वायरस को लेकर ज्योतिष गणना का आंकलन

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कोरोना वायरस को लेकर ज्योतिष गणना का आंकलन

-कोरोना वायरस को लेकर ज्योतिष गणना का आंकलन
-इस वक्त राक्षस नामक संवत्सर के राजा व मंत्री हैं मंगल ग्रह
-ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को माना जाता है क्रूर ग्रह
-ज्योेतिष गणना के अनुसार कभी घटेगा तो कभी बढ़ेगा कोरोना
डा, विपुल देव वर्मा, गोल्ड मेडलिस्ट

डा, विपुल देव वर्मा, गोल्ड मेडलिस्ट

कोरोना की दूसरी लहर जारी है और विशेषज्ञ तीसरी लहर की भी चेतावनी दे रहे हैं। कोरोना को लेकर मंथन भी जारी है। मेडिकल साइंस, अनुसंधान वगैरह-वगैरह। ज्योतिष शास्त्र के जानकार भी ग्रहों-नक्षत्रों की दशा-दिशा का आंकलन कर रहे हैं। ज्योतिष गणना की मानें तो कोरोना अभी ता-ता-थैंय्या करता रहेगा। कहने का मतलब यह कि आने वाले समय में कोरोना कभी घटता तो कभी बढ़ता रहेगा। पेश है ज्योतिषाचार्य गोल्ड मेडलिस्ट डा विपुल देव वर्मा की यह ज्योतिष पर आधारित खास रिपोर्ट।
यह तो थी भूमिका अब सीधे मुद्दे पर आते हैं। दरअसल, हिंदू संवत्सर के हिसाब से यह 2078 संवत्सर चल रहा है। इस संवत्सर का नाम है राक्षस। खास बात यह है कि राक्षस नामक इस साल के राजा और मंत्री दोनों पद मंगल के पास हैं। ज्योतिष में मंगल को क्रूर ग्रह माना जाता है। कहते हैं कि जब राजा और मंत्री मंगल होता है तब धरती पर महामारी और अन्य विपदायें आती रहती हैं। राक्षस नामक संवत्सर में महामारी आयेगी। डा विपुल देव के अनुसार राक्षस नामक संवत्सर में जब क्रूर ग्रह मंगल राजा और मंत्री बनता है तो महामारी से समाज को बड़ी हानि होती है।

शास्त्रों में है उल्लेख


ज्योतिषाचार्य डा विपुल देव बताते हैं कि राक्षस नामक साल का जिक्र शास्त्रों में भी किया गया है। शास्त्रों में उल्लेख  किया गया है कि भगवान भोलेनाथ ने राक्षस नामक साल के बारे में गौरी को बताया कि राक्षस संवत्सर में मानव अत्यंत ही स्वार्थी हो जायेगा। लोक कल्याण व मंगल की भावना मानव के अंदर ना के बराबर ही रहेगी। बारिश मध्यम होगी। धन्य-धान्य मंे वृद्धि मध्यम ही रहेगी। चारों ओर भय और आशंकाओं का वातावरण बना रहेगा।

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क्या है ग्रहों की दशा

ज्योतिषाचार्य डा विपुल देव बताते हैं कि इस समय कोरोना काल में ग्रह-गोचर की दृष्टि से विचार करें तो इसी साल-2021 में 29 मार्च से 27 अप्रैल तक पांच मंगलवार आये। जबकि इसी दौरान क्रूर ग्रहों मंगल व शनि के बीच षडाष्टक दृष्टि संबंध भी रहे जो अशुभ माना जाता हैै। इसके अलावा मंगल की शनि पर पूर्ण अष्टम दृष्टि कोरोना जैसी महामारी को बढावा देगी।

घटेगा-बढ़ेगा कोरोना का असर

ज्योतिष गणना के हिसास से देखें तो कोरोना का असर कभी घटेगा तो कभी बढ़ेगा। ग्रहों की चाल कुछ ऐसा ही बयां कर रही है।
25 जून-2021 से 24 जुलाई-2021 के बीच पांच शुक्रवार पड़ रहे हैं। इस अवधि में कोरोना का असर काफी हद तक कम हो जायेगा। इसके अलावा अगस्त माह में 5 रविवार होने से फिर कोरोना का असर तेज हो जायेगा।

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इस ंमंत्र का करें जाप

ज्योतिषाचार्य गोल्ड मेडलिस्ट डा विपुल देव बताते हैं कि किसी भी प्रकार के कष्ट रोग व शोक, आपदा-विपदा को दूर करने के लिये श्री हरि विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना करें। उन्होंने बताया कि हर रोज  ओम अच्युताय नमः अनन्ताय नमः गोविंदाय नमः का जाप करें। 

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